उधमपुर। जिले में गर्भवती महिलाओं के पोषण और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रमुख है जिसके तहत महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। गर्भावस्था के शुरुआती तीन से चार महीन के भीतर पंजीकरण करवाना आवश्यक है ताकि समय पर लाभ मिल सकें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि गर्भवती महिला को नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभिन्न चरणों से गुजरना होता है। आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, गर्भावस्था पंजीकरण स्लिप, मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो सहित अन्य दस्तावेज जरूरी हैं।
सीएमओ अनिल मन्हास का कहना है कि जिले में योजनाओं की जानकारी और सहायता के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और एएनएम अहम भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करती हैं और फॉर्म भरने से लेकर पंजीकरण तक में मदद करती हैं। इसके अलावा जिला महिला एवं बाल विकास विभाग और सरकारी अस्पतालों में भी गर्भवती महिलाएं जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।