उधमपुर। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान चलाया गया है। 28 फरवरी से शुरू अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। जागरूकता की कमी के कारण अब तक 543 किशोरियां कवर हो सकी हैं जबकि लक्ष्य 5667 का रखा गया है।
कमांड अस्पताल के लिए लगभग 500 किशोरियों का लक्ष्य निर्धारित है जबकि बाकी विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से पूरा किया जाना है। पंचारी में टीकाकरण की प्रक्रिया ठीक चल रही है जबकि रामनगर, चिनैनी और टिकरी जैसे क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
जीएमसी के साथ विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में वैक्सीन उपलब्ध करवाई गई है। इसके अलावा लोग यू-विन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराकर भी टीकाकरण करवा सकते हैं। 90 दिन के अभियान के दौरान लक्ष्य को पूरा किया जाना है।
वैक्सीन के फायदे
वैक्सीन खास तौर पर सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बनाई गई है जो चार खतरनाक बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती है। देश में बीमारियों का खतरा अधिक मिला है,।इसी को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। वैक्सीन एक ही डोज में दी जाती है।
साइड इफेक्ट
वैक्सीन लगने के बाद हल्का बुखार या शरीर में मामूली कमजोरी महसूस हो सकती है। हालांकि ऐसे लक्षण कम मामलों में ही देखे जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है।
स्कूलों में अभिभावकों और शिक्षकों को बताए जा रहे फायदे
जिला इम्यूनाइजेशन अधिकारी डॉ. अनुराधा करनी ने बताया कि लोगों में जागरूकता की कमी के कारण टीकाकरण की रफ्तार धीमी है। ऐसे में स्कूलों में जाकर अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बैठकें की जा रही हैं जहां वैक्सीन के फायदे और सुरक्षा के बारे में बताया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति को वैक्सीन लगवाने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि यदि उन्हें कोई संदेह हो तो वे अस्पताल जाकर डॉक्टरों से सलाह लें और शंकाएं दूर करें। यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और किशोरियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।