शट डाउन के दौरान बिजली संबिधत कार्य करते बिजली विभाग के कर्मी :- संवाद
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चिनैनी। शटडाउन के कारण बिजली पर निर्भर दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। उनका कहना है कि शटडाउन लगातार नहीं किया जाना चाहिए। यदि शटडाउन करना ही है तो एक दिन ही करें, ताकि उन्हें परेशान न होना पड़े।
दुकानदारों ने कहा कि बुधवार व वीरवार को सुबह से शाम तक क्षेत्र में बिजली बंद रही, जिससे उनका कारोबार प्रभावित रहा। शाम को बिजली बहाल होने के बाद उनका कार्य नहीं होता। दुकानदारों का कार्य दोपहर 12 से शाम चार बजे के बीच होता है। ऐसे में बिजली पर निर्भर दुकानदारों को ध्यान में रखकर शटडाउन किया जाना चाहिए।
कस्बे में प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले दुकानदार राकेश जंवाल कहते हैं कि लगातार दो दिनों तक शट डाउन से उनका कारोबार ठप हो गया है। उनका कार्य बिजली पर निर्भर है। बिजली के सुबह से शाम तक गुल रहने से दो दिनों में उनका कोई काम नहीं हुआ। वहीं, कार धोने की दुकान चलाने वाले नरेश कुमार ने कहा कि दो दिनों से शट डाउन के कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ी हैं।
किराना की दुकान चलाने वाले जगदीश गुप्ता बताते हैं कि आज कल इलेक्ट्रॉनिक तराजू से काम होता। इनमें बिना बिजली के ज्यादा समय तक चलने की क्षमता नहीं होती। ऐसे में अगर बिजली न रहे तो तौलने वाले सामान को बेचा ही नहीं जा सकता। उधर, आरा मशीन के मालिक संजय शर्मा ने कहा कि बिजली नहीं होती है तो आरा मशीन चल ही नहीं पाती। इस कारण बीते दो दिनों से कोई काम ही नहीं हो पाया।
दुकानदार संदीप शर्मा ने कहा कि उनकी रंगाई मशीन बंद रहने के कारण दिन भर कारीगरों ने काम नहीं किया। शाम को बिजली आ भी गई लेकिन शाम को तो कोई काम ही नहीं होता। इन सब कारोबारियों की मांग है कि बिजली की मरम्मत के लिए पूरे दिन कटौती न की जाए। इसके लिए एक निश्चित समय तय हो और कम से कम समय के लिए ही कटौती हो।