- बिजली विभाग की लापरवाही, बिजली बंद किए बिना मजदूर को खंभे पर चढ़ा दिया
- बारिश के कारण भूस्खलन से सड़क बंद थी, एक माह बाद भी नहीं हटाई गई चट्टान
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। धारगदियां इलाके का सड़क संपर्क कटा होने के कारण करंट लगने से खंभे से गिरकर घायल मजदूर ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजन व ग्रामीणों को घायल को पालकी में डालकर करीब आठ किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ा। इस मामले में बिजली विभाग की भी लापरवाही सामने आ रही है। आरोप है कि बिजली बंद किए बिना मजदूर को खंभे पर चढ़ा दिया गया।
जानकारी के अनुसार, धारगदियां निवासी 45 वर्षीय योगराज बुधवार को खंभे पर बिजली की मरम्मत का कार्य कर रहे थे। करंट लगने से वह नीचे गिरकर घायल हो गए। गिरने से उनकी कमर पर गंभीर चोट आई। परिजन उन्हें घर ले गए लेकिन हालत गंभीर होने पर योगराज को जीएमसी उधमपुर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें को मृत घोषित कर दिया।
बता दें कि एक माह पहले बारिश के कारण भूस्खलन से धारगदियां इलाके की सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। रास्ते में चट्टान गिरी है, जिसे अभी तक हटाया नहीं गया है। इससे यातायात व्यवस्था ठप पड़ी। लोगों को मजबूरन घायल को पालकी में डालकर करीब आठ किलोमीटर पैदल चल मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा। इसके तीन घंटे का समय लग गया। इसके बाद घायल को ऑटो में अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसे मृत लाया घोषित कर दिया गया।स्थानीय निवासी रोशन का कहना है कि अगर सड़क बहाल होती तो घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई जा सकती थी। एक महीने से सड़क पर गिरी चट्टान को हटाया नहीं गया है। इससे क्षेत्र का यातायात संपर्क पूरी तरह से टूटा हुआ है। आरोप है कि बिजली कर्मियों ने लापरवाही से योगराज को बिजली के खंभे पर मरम्मत के लिए यह कहकर चढ़ाया गया कि बिजली बंद है जबकि बिजली चालू थी और करंट लगने से वह नीचे गिर गए।
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पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की
जीएमसी में पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल प्रशासन ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन के हवाले कर दिया। ग्रामीणों ने विभाग से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है। योगराज दिहाड़ी लगाता था और जैसे-तैसे अपने दो बच्चों समेत परिवार का पोषण कर रहा था। पखलाई पंचायत के पूर्व सरपंच करनैल सिंह ने बताया कि मृतक काफी गरीब परिवार से तालुक रखता था। विभाग और प्रशासन को परिवार की आर्थिक मदद करनी चाहिए।
हादसे की वजह की जांच की जाएगी : जेई
अस्पताल पहुंचे बिजली विभाग के जेई ने बताया कि दूरदराज इलाकों में छोटी-मोटे फाॅल्ट के लिए निजी ताैर पर स्थानीय लोगों की मदद ली जाती है। हादसे की वजह क्या रही इसकी जांच की जाएगी।