कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) के सांस्कृतिक गतिविधि बोर्ड बीसीए ने मातृका ऑडिटोरियम में रंगयुग के डोगरी नाटक चंचलो का मंचन किया। दर्शकों में संकाय सदस्य, छात्र, रंगमंच प्रेमी, सांस्कृतिक बिरादरी के सदस्य और गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। रंगयुग के निदेशक दीपक कुमार ने कहा, चंचलो सिर्फ़ एक महिला की कहानी नहीं, बल्कि हाशिये की अनगिनत आवाजों की कहानी है। इस नाटक के माध्यम से रंगयुग समाज को आईना दिखाने, चिंतन और सामूहिक ज़िम्मेदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। चंचलो की कहानी एक घरेलू कामगार के विस्थापन, शोषण और अस्तित्व की चुनौतियों से जूझने के लचीलेपन और संघर्ष को दर्शाती है जो इसे एक मार्मिक नाट्य अनुभव और समकालीन सामाजिक वास्तविकताओं पर एक सशक्त टिप्पणी दोनों बनाती है। इस प्रदर्शन का खड़े होकर तालियां बजाकर स्वागत किया गया तथा दिल से सराहना की गई, जिससे डोगरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में रंगयुग के प्रयासों को मान्यता मिली। संवाद