संवाद न्यूज एजेंसी
किश्तवाड़। एक हफ्ते की मूसलाधार बारिश के बाद शुक्रवार को गल्हार-संसारी मार्ग बहाल हो गया। बता दें कि यहां भूस्खलन से भारी तबाही मची थी। सड़क पर कई जगह पस्सियां आई हुई थीं। सीमा सड़क संगठन ने महत्वपूर्ण गल्हार-संसारी और तियारी-इशत्यारी सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया।
भूस्खलन के कारण कई दिनों से कटे हुए कई दूरदराज के सीमावर्ती गांव फिर से जुड़ गए हैं। यह संकट 24 अगस्त से शुरू हुई लगातार एक हफ्ते की बारिश के बाद शुरू हुआ। इस वजह से जम्मू के पाडर-हिमाचल सीमा पर तियारी, इश्तियारी और श्वास गांवों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों पर कई भूस्खलन और दरारें आने की घटनाएं हुईं। सड़क अवरोधों के कारण आबादी का एक बड़ा हिस्सा अलग-थलग पड़ गया जिससे आवश्यक आपूर्ति और चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच बाधित हुई।
प्रशासन के लिए रसद संबंधी बड़ी चुनौतियां पैदा हुईं। एक त्वरित और निर्णायक कार्रवाई में बीआरओ की एक इकाई, 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (आरसीसी), 35 बीआरटीएफ, संपर्क की श्वास गांव स्थित एक टुकड़ी को तुरंत तैनात किया गया। संगठन ने प्रभावित स्थलों पर उत्खनन मशीनों, डोजरों और चट्टान तोड़ने वाली मशीनों सहित भारी मशीनरी की एक विशाल शृंखला तैनात की।
बीआरओ के एक अधिकारी ने कहा कि हमारा प्राथमिक उद्देश्य मलबे को तुरंत हटाना था ताकि मानवीय रूप से यथासंभव शीघ्र संपर्क बहाल हो सके। अथक प्रयासों के उल्लेखनीय परिणाम मिले। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मियों ने रिकॉर्ड समय में भारी मात्रा में मलबा हटाकर गल्हार-संसारी और तियारी-इशत्यारी पुनर्संरेखण सड़कों को फिर से खोल दिया। इस बहाली से स्थानीय निवासियों को बहुत राहत मिली है और इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा फिर से स्थापित हुई है।