बीआरओ की त्वरित कार्रवाई करते हुए किश्तवाड़-गुलाबगढ़ जीवनरेखा को भारी निकासी अभियान के बाद फिर
किश्तवाड़। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सुदूर पाडर घाटी के हजारों निवासियों को बड़ी राहत देते हुए एक सप्ताह के भीतर कई जगहों पर भूस्खलन और सड़कें टूटने के कारण कई दिनों से बाधित महत्वपूर्ण किश्तवाड़-गुलाबगढ़ मार्ग पर यातायात को सोमवार बहाल कर दिया।
इस क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क लगातार बारिश के कारण हुए चार बड़े भूस्खलन और दो बड़ी संरचनाओं के टूटने के बाद दुर्गम हो गई थी। प्रोजेक्ट संपर्क के तहत 35 बीआरटीएफ की 118 आरसीसी सड़क निर्माण कंपनी (आरसीसी) की टीमें अपने जवानों और मशीनों के साथ हरकत में आईं और दुर्गम हिमालयी इलाके में चौबीसों घंटे सफाई अभियान चलाया। भारी मलबा हटाया गया।
बह गए हिस्सों की मरम्मत की गई और कटे हुए समुदायों को फिर से जोड़ने के लिए समय के विरुद्ध दौड़ में पहाड़ियों को स्थिर किया गया। बीआरओ के एक अधिकारी ने 118 आरसीसी कर्मियों के साहस और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग को जल्द से जल्द फिर से खोलना था। साथ ही कहा कि दुर्गम भूभाग और मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद टीम ने संपर्क बहाल करने के लिए अथक प्रयास किया।
किश्तवाड़-गुलाबगढ़ सड़क गुलाबगढ़ और व्यापक पद्दार क्षेत्र को जोड़ने वाला एकमात्र बारहमासी संपर्क मार्ग है। इसके बंद होने से न केवल दैनिक जीवन बाधित हुआ बल्कि आवश्यक आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच भी अवरुद्ध हो गई।
इस त्वरित बहाली प्रयास की व्यापक सराहना हुई है। स्थानीय निवासी मुश्ताक अहमद ने कहा कि हम जिले के बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट गए थे। बीआरओ के समय पर हस्तक्षेप से पूरे समुदाय को बहुत राहत मिली है।