सतर्कता सप्ताह पर सहकारिता विभाग में सतर्कता बर्तने के लिए शनिवार को एक कार्यक्रम किया गया। यह कार्यक्रम जिला अधिकारी विकास वर्मा की अध्यक्षता में शुरू किया गया।
इस दौरान वर्मा ने कहा कि आज के दौर में इस दिन को मनाने का मतलब है कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए तमाम धिकारियों, मुलाजिमों और जनता को सतर्क रहे।
हर अधिकारी अपने कार्यालय में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाएं। और देंखें कि सरकारी जटिलताओं में अनावश्यक तरीके से गुमराह कर रिश्वत खाने के रास्ते तो नहीं बना रहा है।
यह भी बताया गया कि कई कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारी की मिलीभगत से रिश्वत लेने के लिए लोगों को परेशानियों में डाला जाता है। यदि इन सभी भ्रष्ट लोगों पर कड़ी नजर रखकर रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाया जा सकता है।
जिला आडिट आफिसर एमएस आरती ने कहा कि सतर्कता के साथ-साथ भ्रष्टाचार को रोकने के लिए संयम बरतने की भी जरूरत है। क्योंकि कभी-कभी जल्दबाजी के काम को पूरा करने की होड़ में कर्मचारी रिश्वत लेते हैं।
वहीं, कृष्ण चंद ने कहा कि सतर्कता और संयम के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी की स्वच्छ सोच होने की जरूरत है। हर हाल में भ्रष्टाचार को दूर किया जाए। इस मौके पर कृष्ण लाल, सुरजीत सिंह, चंद्र देव सिंह, यशपाल, रमेश कु मार, काकू राम आदि थे।