धर्मनगरी कटड़ा के बाजार में पसरा सन्नाटा। संवाद
- 26 अगस्त को भूस्खलन में गई जानों के बाद श्राइन बोर्ड ने बंद कर रखी है यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा । धर्मनगरी कटड़ा और मां वैष्णो देवी के दरबार इन दिनों सूना पड़ा है। कभी यहां हर समय श्रद्धालुओं की ओर से लगाए जाने वाले जयकारे गूंजते थे। 26 अगस्त को हुए भीषण हादसे के बाद यह पवित्र नगरी मानो वीरान हो गई है। हादसे के उपरांत श्राइन बोर्ड ने यात्रा को रोक दिया था।
मौजूदा समय में न केवल माता वैष्णो देवी भवन की ओर जाने वाले रास्ते सूने पड़े हैं बल्कि कटड़ा की चहल-पहल भी थम सी गई है। जानकारी के अनुसार यात्रा बंद होने के बाद बड़ी संख्या में होटलों, गेस्ट हाउस और दुकानों के शटर गिर गए हैं। व्यापारी वर्ग भी मायूस है क्योंकि श्रद्धालु न आने से उनका रोजगार ठप हो गया है। पहले जहां हजारों की तादाद में श्रद्धालु रात-दिन मां के दरबार की ओर बढ़ते दिखते थे वहीं अब सुनसान सड़कों और बंद पड़ी दुकानें नजर आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समय धर्मनगरी और भवन में सन्नाटा पसरा हुआ है। शाम ढलते ही लोगों को यहां डर का माहौल महसूस होता है क्योंकि पहले जिस क्षेत्र में रोशनी, चहल-पहल और भक्तों के जयकारे गूंजते थे वहां अब वीरानी छाई है। व्यापारियों ने श्राइन बोर्ड प्रशासन से जल्द से जल्द यात्रा बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि माता के दरबार की रौनक और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से ही धर्मनगरी की असली पहचान है। जब तक यात्रा दोबारा शुरू नहीं होगी, तब तक यह धार्मिक स्थल अधूरा लगेगा।