संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। धर्मनगरी कटड़ा में रविवार की सुबह लगभग पांच घंटे मां वैष्णो देवी के दरबार और त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं के कदम थम गए।
सुबह-सुबह बरसे पानी के कारण श्रद्धालु आश्रय स्थलों और दुकानों में रुककर मौसम खुलने का इंतजार करते रहे। हालांकि कुछ ही समय बाद बारिश थम गई और दिनभर मौसम मिला-जुला रहा, लेकिन पहाड़ों पर बादल और भारी धुंध के कारण हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित रही।
हेलिकॉप्टर सेवा बाधित होने के चलते अधिकांश श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करनी पड़ी, जबकि कई श्रद्धालु घोड़े, पिट्ठू और पालकी के सहारे भवन की ओर रवाना हुए। पूरे रास्ते में जय माता दी के गगनभेदी जयकारों के साथ वातावरण भक्तिमय बना रहा। कक्षा से मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को सप्ताहांत होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई।
रविवार शाम पांच बजे तक लगभग 15,200 श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे और कक्षा बंद होने में पांच घंटे बाकी थे जबकि शनिवार को लगभग 16,900 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के पावन दरबार में माथा टेका था।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों के साथ-साथ सफाई और स्वास्थ्य सेवाएं भी सक्रिय रहीं ताकि मौसम की मार के बावजूद श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से जारी रहे। बरसात के मौसम में भवन मार्ग पर बने टिन के शेड आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत प्रदान कर रहे हैं।