संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से भारी शहरवासी और बाहर से आने वाले श्रद्धालु अव्यवस्था से जूझ रहे हैं। शुक्रवार को नगर पालिका के अधिकारी और हड़ताली कर्मी आमने-सामने आ गए। जब अधिकारी अन्य कर्मियों के साथ सफाई के लिए सड़क पर उतरे तो हड़ताली कर्मचारियों ने इसका विरोध कर मशीनों को बंद करवा दिया।
बता दें कि नगर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में संक्रमण और बीमारियां फैलने का डर पैदा हो गया है। बीते कई दिनों से चल रही हड़ताल के चलते जब हालात बेकाबू होने लगे तो शुक्रवार को नगर पालिका के अन्य अधिकारी और कर्मचारी खुद सफाई कार्यों के लिए सड़कों पर मशीन उतर आए। मशीनों और उपकरणों की मदद से सफाई शुरू की गई लेकिन हड़ताली कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर विरोध किया और मशीनों को बंद करवा दिया। वैष्णो देवी मंदिर को आने वाले श्रद्धालुओं को रास्तों में फैली गंदगी और बदबू का सामना करना पड़ रहा है।
कटड़ा बस स्टैंड, बाजार इलाकों और धर्मशालाओं के पास कूड़े के ढेर लगे हैं। गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। स्थानीय दुकानदारों और होटल व्यवसायियों का कहना है कि इस स्थिति का सीधा असर पर्यटन और स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। श्रद्धालु यहां आकर पवित्रता की उम्मीद करते हैं, लेकिन कूड़े के ढेर और बदबू उन्हें निराश कर रही है।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने, स्थायी नियुक्ति, सुरक्षा उपकरणों की मांग और सम्मानजनक व्यवहार को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। हम लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं, हम हड़ताल जारी रखेंगे।
नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि हड़ताल के कारण उत्पन्न हालात बेहद गंभीर हैं लेकिन वे स्थिति को संभालने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। हम बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन जनस्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि कटड़ा जैसी पवित्र में स्वच्छता का संकट ना केवल प्रशासन के लिए चुनौती है बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और स्वास्थ्य से जुड़ा मसला बन चुका है।