कटड़ा। मां वैष्णो देवी के दरबार में बदलते मौसम के बावजूद यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। शुक्रवार देर रात रिमझिम बारिश, बादलों की आवाजाही और शनिवार को ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालु जयकारों के साथ भवन की ओर प्रस्थान करते रहे।
सुबह तक हल्की बारिश जारी रही। इसके बाद मौसम साफ हुआ और तेज धूप खिली लेकिन दोपहर बाद बादलों का जमावड़ा लग गया तथा ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम के बदलते मिजाज के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं आई और यात्रा सुचारु रूप से जारी रही।
तीन अप्रैल को 44,700 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए तो शाम पांच बजे तक लगभग 34,000 श्रद्धालु भवन की ओर रवाना हो चुके थे। पंजीकरण काउंटर, दर्शनी ड्योढ़ी, प्रवेश द्वार व सुरक्षा जांच केंद्रों पर भीड़ रही। भवन परिसर में दिव्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कतार में इंतजार करना पड़ा। हेलिकॉप्टर सेवा शाम को कुछ समय के लिए स्थगित रही। हालांकि बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा-खच्चर व पालकी सेवाएं निरंतर जारी रही।
सुरक्षित व परेशानी मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्ग पर श्राइन बोर्ड, पुलिस, सीआरपीएफ तथा आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी व जवान जगह-जगह तैनात रहे और पूरी व्यवस्था पर निगरानी बनाए रखी। मां वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद श्रद्धालु भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के दर्शन कर यात्रा पूर्ण कर रहे हैं। धर्मनगरी के बाजारों में चहल-पहल से व्यापारियों के भी चेहरे खिले हैं।