कटड़ा । धर्मनगरी में श्री राजमाता आश्रम शनि मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा से पहले रविवार को बैंड बाजे और ढोल के साथ कलश यात्रा निकाली गई। भूमिका मंदिर परिसर के जलकुंड से कलश में जल भर श्रद्धालु वापस शनि मंदिर पहुंचे। यहां पर कलशों को स्थापित किया गया ।
सद्गुरु राजदरबार कटड़ा के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि हर वर्ष स्वामी राजेश्वरानंद महाराज के सान्निध्य में साप्ताहिक अनुष्ठान किया जाता है। इसी परंपरा में इस बार आचार्य मनोज कृष्ण महाराज वृंदावन से श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा हेतु आमंत्रित किए गए हैं। कथा से पहले सुबह बैंड बाजे ढोल आदि के साथ शनि मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। महिलाओं ने सिर पर अमृत पात्र का प्रतीक कलश उठा रखे थे।
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श्रद्धालु राधे-राधे और जय माता दी के जयकारों के साथ नाचते गाते हुए कथाव्यास मनोज कृष्ण महाराज के साथ भूमिका मंदिर परिसर के जलकुंड पर पहुंचे और जल भरकर वापस शनि मंदिर पहुंचकर कलशों को स्थापित किया गया। समाजसेवी आशु, शिवसेना बाल ठाकरे जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख मनीष साहनी, मजदूर दस्तकार यूनियन उपाध्यक्ष बंसी लाल शर्मा आदि ने उपस्थिति दर्ज कराई।
दोपहर बाद भागवत कथा के प्रथम सत्र का श्री गणेश करते हुए कथाव्यास मनोज कृष्ण ने कहा कि कथा रूपी सत्संग की महिमा देवी देवताओं द्वारा ग्रहण किए गए अमृत से भी अधिक महत्वपूर्ण है।