-सबसे पहले रास्ते में फंसे जरूरी खाद्य आपूर्ति वाले वाहनों सहित छोटी गाड़ियां घाटी की तरफ रवाना की गईं
-चालकों और यात्रियों ने ली राहत की सांस, हाईवे पर सरपट दौड़ते दिखे वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मरम्मत कार्य के लिए चौबीस घंटे तक बंद रखने के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार सुबह आठ बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। सबसे पहले रास्ते में फंसे जरूरी खाद्य आपूर्ति वाले वाहनों के साथ ही छोटे वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया गया।
इसके बाद बारी-बारी से अन्य वाहनों को भी छोड़ा गया। वहीं, हाईवे खुलने से रास्ते में फंसे यात्रियों और चालकों ने राहत की सांस ली। सुबह जैसे ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर आगे जाने की अनुमति मिली, तो 24 घंटे से रुके वाहन सरपट अपनी मंजिल की तरफ दौड़ते नजर आए। गौरतलब है कि नेशनल हाईवे अथारिटी के अनुरोध पर जिला मजिस्ट्रेट रामबन की तरफ से राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही को 24 घंटे के लिए बंद रखा गया था।
यह निर्देश रामबन में बीते दिनों आई प्राकृतिक आपदा के कारण राजमार्ग को पहुंचे नुकसान के चलते सड़क के आवश्यक मरम्मत कार्य को ध्यान में रखकर जारी किए गए थे। निर्देश के तहत रविवार सुबह आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक राजमार्ग को बंद रखा गया था। राजमार्ग पर घाटी की तरफ जाने वाले वाहनों को उधमपुर के जखैनी चौक से आगे जाने पर रोक लगा दी गई थी।
जिला उधमपुर की सीमा में लगभग 1400 वाहन रोके गए थे। इनमें 1100 राष्ट्रीय राजमार्ग पर और 300 धार रोड पर रुके हुए थे। इनमें करीब 150 छोटी गाड़ियां भी शामिल थीं। राजमार्ग बंद होने से जहां यात्री परेशान थे, वहीं जरूरी रसद वाले ट्रक चालक भी चिंता में थे। उनका कहना था कि ट्रक में जरूरी फल, सब्जियां खराब होने और भेड़-बकरियों के भूख व प्यास से मरने का डर बना हुआ है।