कठुआ-उधमपुर और जम्मू-उधमपुर धार रोड और जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जाम के चलते स्थिति बुधवार को स्थिति विस्फोटक हो गई।
घंटों जाम में फंसे रहने से स्कूली बच्चे समय से स्कूल नहीं पहुंच सके, कार्यालय जाने वाले लोग भी देर से आफिस पहुंचे, यहां तक कि मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम से निकलने में नाकाम रहीं।
कई वाहन चालकों की ओर से आगे निकलने के लिए लगी होड़ के चलते स्थिति और बिगड़ गई। धार रोड पर ट्रैफिक पुलिस ने ट्रकों को रोक कर उन्हें घाटी की तरफ नहीं बढ़ने दिया। सुबह से लगा जाम करीब पांच घंटे बाद दोपहर एक बजे जाकर खुल सका, जिसके बाद गाड़ियां घाटी की ओर रवाना हुई।
10 अक्तूबर से 12 अक्तूबर तक तीन दिन तक हाईवे बंद रहने के बाद 13 अक्तूबर को जम्मू से गाड़ियां घाटी की तरफ रवाना की गई थीं। बुधवार को फिर से गाड़ियों को घाटी की तरफ रवाना किया।
नंदनी के पास एक ट्रक के रास्ते मेें खराब होने के कारण सैकड़ों गाड़ियां फंस गई। उधमपुर, रामबन, बनिहाल, डोडा, रामनगर आदि क्षेत्रों को जाने वाले लोग भी इस जाम में फंसे रहे।
जाम के चलते उधमपुर में कई सरकारी और गैर सरकारी बैठकें भी नहीं हो पाईं। हैप्पी माडल स्कूल ने भी पुरस्कार वितरण समारोह स्थगित कर दिया। इस समारोह के मुख्य अतिथि जम्मू-कश्मीर स्कूल बोर्ड आफ एजुकेशन के पूर्व चेयरमैन प्रो. देशबंधु को शामिल होना था।
जाम के चलते कई राष्ट्रीय समाचार पत्र भी जिला मुख्यालस देरी से पहुंचे। जाम से पहले पिछले मंगलवार को नगरोटा, उधमपुर, चिनैनी, जखेनी, टोल प्लाजा और धार रोड पर सैकड़ों ट्रक खड़े हुए थे। इन ट्रकों को सड़क किनारे ही खड़ा किया गया था।
छोटी गाड़ियों को ही पहले रवाना किया गया। जबकि, ट्रकों को उसके बाद श्रीनगर की तरफ रवाना किया। ट्रकों की लंबी कतार के बीच कई छोटी गाड़ियां भी जाम में फंसी रहीं। इसके कारण कई लोगों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचने में घंटों लग गए।
सबसे पहले उधमपुर और धार रोड पर अटके ट्रकों को सुबह छह बजे रवाना किया गया। सुबह तड़के ही उधमपुर नगर तक जम्मू से आए ट्रकों के पहुंचने से पहले ही धार रोड आदि जगहों पर खड़े ट्रक निकल चुके थे। कई अन्य जगहों पर जाम लगा रहा।