सद्दल में दो दिन से शवों की तलाशी का बंद हुआ काम मंगलवार को लोगों के विरोध के कारण दोबारा शुरू हुआ। इससे सफलता भी मिली। मलबे में दबे चार और लोगों के शव बरामद हुए। इनमें से तीन की पहचान एक ही परिवार के कविता, रिंकू और मितू रूप में हुई है।
एक व्यक्ति के शरीर का आधा हिस्सा मिला है। संभावना है कि वह इसी परिवार का गुच्छू हो सकता है। सात दिनों के बाद तलाश में जुटी टीम को सफलता मिली है। सद्दल में शवों की तलाश का काम वीरवार को भी दो दिन के लिए स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद रविवार और सोमवार को भी काम बंद कर दिया गया। स्थानीय लोगों के विरोध के कारण मंगलवार को दोबारा शवों की तलाशी का काम शुरू हुआ।
एक और जेसीबी मौके पर पहुंची। दो मशीनों से काम में तेजी लाई गई। कुछ दिन पहले चले काम में जेसीबी का उपयोग किया गया। जमीन के काफी नीचे तक शवों की तलाश की गई, जिससे दो महिलाओं और दो पुरुषों के शव निकाले गए। क्षेत्र के लोगों को अब भी उम्मीद है कि दबे हुए उनके अपनों के शव मिल जाएंगे।
वहीं उत्तराखंड से आई भूगर्भ विभाग की टीम सद्दल में विशेष तौर पर जमीन का निरीक्षण करने में जुटी है। टीम यह पता लगा रही है कि भूस्खलन कैसे हुआ? इन गांव के लोगों को बसाने के लिए जगह की भी तलाश की जा रही है। सद्दल को केंद्रीय राज्यमंत्री और सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने पहले ही सांसद आदर्श ग्राम के तहत गोद लेने की घोषणा की है।
एसपी खलील पोसवाल के अनुसार चार और शव निकाले गए हैं। मौसम और अन्य कारणों से बीच में कई बार काम रुका, लेकिन अंतिम पल तक शवों की तलाश करने का काम जारी रहेगा।