टिन की शेड के नीचे बैठे अधिवक्ता।
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उधमपुर। जिला न्यायालय में मौजूदा समय में चैंबर की सुविधा नहीं है। अधिवक्ता कोर्ट परिसर के भीतर पीपल या अन्य के पेड़ों या फिर टीन शेड के नीचे कुर्सी बैंच लगा लोगों को न्याय दिला रहे हैं। हालांकि एक हाल का भी निर्माण किया गया है लेकिन अधिवक्ता की संख्या के मुताबिक पर्याप्त नहीं है।
जिला न्यायालय परिसर उधमपुर मुख्य शहर में धार रोड किनारे राजस्व कार्यालय परिसर के साथ स्थित है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 1964 में काम करना शुरू किया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत 2008 में बनाई गई थी और उप-न्यायाधीश सीजेएम की अदालत स्वतंत्रता से पहले से मौजूद है। अब तक दो जिला एवं सत्र न्यायालय और पांच मजिस्ट्रेट अदालतें जिला मुख्यालय पर स्थित हैं। गर्मी हो या सर्दी, बारिश हो या आंधी अधिवक्ता मेज-कुर्सियों पर बैठने को मजबूर हैं। यह प्रैक्टिस पिछले कई साल से जारी है। समय के साथ अधिवक्ताओं की संख्या में इजाफा होता गया, सुविधाएं नहीं बढ़ीं। मौजूदा समय में जिला बार एसोसिएशन के साथ 210 से ज्यादा अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इसमें 150 से ज्यादा अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रहे हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग न्याय या फिर कानूनी औपचारिकताओं से गतिविधियों से जुड़े कामकाज के लिए जिला कोर्ट परिसर में आते हैं। लेकिन व्यवस्थित चैंबर्स न होने की वजह से बारिश हो या आंधी तूफान हर मौसम में मात्र टीन की छत का सहारा होता है, जिससे वकीलों के साथ-साथ उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खुले में मेज-कुर्सी लगाकर प्रैक्टिस करना मुश्किल का काम है। भीषण गर्मी और सर्दी में काम करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बारिश में तो कभी यहां भागो तो कभी वहां भागो वाली स्थिति रहती है। नये चैंबर कॉम्प्लेक्स बनने से वकीलों के साथ आम आदमी को भी सहूलियत मिलेगी।
- अनिल खजूरिया, एडवोकेट।
कोर्ट परिसर में चैंबर्स का निर्माण समय की जरूरत है। मौसम अनुकूल न होने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपने कार्यकाल के दौरान चैंबर्स के निर्माण को लेकर प्रस्ताव भेज गया था। उम्मीद है कि जल्द ही कोई उचित निर्णय लिया जाएगा।
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एडवोकेट जयदेव सलाथिया, पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन।
जिला कोर्ट परिसर में चैंबर्स के निर्माण को लेकर प्रयास चल रहे हैं। प्रस्ताव को लेकर डीपीआर भी तैयार की जा रही है और उम्मीद है कि चंद दिनों में ही परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। जिससे काफी समय से लंबित चैंबर्स की समस्या दूर होने से हर किसी को लाभ मिलेगा।
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एडवोकेट सुरेंद्र खजूरिया, प्रधान बार एसोसिएशन।