उधमपुर। औद्योगिक क्षेत्र बट्टल बालियां में स्थित धानुका एग्रीटेक में आग लगने की घटना में फैक्ट्री प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि फैक्ट्री में आग बुझाने के लिए जरूरी उपकरण नहीं थे। जो उपकरण लगाए थे उन तक पहुंचना कर्मचारियों के लिए संभव नहीं था। आग की घटना को रोकने के लिए भी किसी तरह की व्यवस्था नहीं थी। इसी कारण आग कुछ ही मिनटों में भड़क गई।
फैक्ट्री को पूरी तरह से टीन से तैयार किया गया था। अंदर केवल कुछ दीवारें ईंटों से तैयार की गई थीं। जब केमिकल के ड्रमों में धमाका हुआ तो आग भड़क गई और फैलती चली गई। फैक्ट्री के अंदर खड़े किए चार वाहन भी आग की चपेट में आ गए और जलकर राख हो गए। पानी के साथ फोम डाल कर भी आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
उधमपुर में सबसे बड़ी आग की घटना
उधमपुर के इतिहास में कभी भी इतनी बड़ी आग की घटना सामने नहीं आई है। इससे पहले 2020 में टिकरी में गैस सिलिंडर से भरे ट्रक में आग लग गई थी। एक-एक कर 100 से अधिक सिलिंडर धमाके के साथ उड़ गए थे। इस आग को बुझाने के लिए भी दमकल विभाग को जम्मू और कटड़ा के दमकल विभाग की मदद लेनी पड़ी थी। इसके साथ 2008 में बाजार के अंदर दो दुकानों में आग लगी थी और इस पर भी काबू पाने में कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी थी।
कोट
आग की चपेट में आई फैक्ट्री तीन हिस्सों में बंटी हुई है। आग पहले हिस्से में लगी जहां पैस्टीसाइड तैयार करने का काम किया जाता है। इसके साथ कैमिकल के टैंकर रखने वाला और कार्यालय अन्य हिस्सों में मौजूद है। आग केवल काम करने वाले स्थान पर लगी थी। बाकी के दो हिस्सों में आग फैलने से पहले ही रोक दी गई है। दमकल विभाग की टीम अभी भी मौके पर मौजूद रहकर काम कर रही है। अंडर ग्राउंड हिस्से में रखे कैमिकल में अभी आग लगी है, इससे लगातार धुआं निकल रहा है। इसको नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। अब इस आग से किसी को कोई खतरा नहीं है। आग लगने से हुए नुकसान का अभी आंकलन नहीं हो पाया है।
-गिरधारी लाल, असिस्टेंट डायरेक्टर फायर एंड सर्विस उधमपुर