एबीवीपी सदस्य प्रदर्शन करते हुए।
- फोटो : kishatwar news
किश्तवाड़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद किश्तवाड़ इकाई ने सोमवार को जम्मू विश्वविद्यालय की तरफ से विश्वविद्यालय परिसर किश्तवाड़ में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व एबीवीपी की राज्य संयुक्त सचिव राधिका आर्यन एवं जिला संयोजक विनय आर्यन ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रों को शीघ्र अकादमिक न्याय दिलाने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए राधिका आर्यन ने जम्मू विश्वविद्यालय पर किश्तवाड़ के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर स्थापित होने के बावजूद आज तक पीजी की पढ़ाई को शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि किश्तवाड़ जिले के चार डिग्री कॉलेजों से हर वर्ष एक हजार से अधिक छात्र स्नातक की पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन पीजी पाठ्यक्रमों के अभाव में छात्रों को या तो अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है या फिर लगभग 250 किलोमीटर दूर अन्य जिलों में जाकर उच्च शिक्षा हासिल करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति दुर्गम, पहाड़ी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के साथ गंभीर अन्याय है और यह विश्वविद्यालय प्रशासन की क्षेत्र के प्रति भेदभावपूर्ण सोच को दर्शाती है।
जिला संयोजक विनय आर्यन ने कहा कि किश्तवाड़ जिले से तीन विधायक होने के बावजूद जिले को उच्च शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं, जोकि राजनीतिक नेतृत्व और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों की गंभीर विफलता है।
विनय आर्यन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय परिसर किश्तवाड़ में शीघ्र बुनियादी पीजी विषय शुरू नहीं किए गए, तो एबीवीपी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी तथा अधिक प्रभावशाली जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।