किश्तवाड़। जिला प्रशासन एक ओर विकास के बड़े-बड़े दावे कर रहा है। चौगान ग्राउंड जैसे क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्रमुखता से दिखाया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर शहर की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यदि शहर की नालियों और फुटपाथों का भी उसी गंभीरता से विकास किया जाता तो आम जनता को काफी राहत मिल सकती थी।
मालीपेठ से वस्सर, जेलना तक फुटपाथों की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह फुटपाथ टूट चुके हैं, सिमेंटेड प्लेटें उखड़ी हुई हैं और कई स्थानों पर फुटपाथ मौजूद ही नहीं हैं। मजबूरी में लोगों को व्यस्त सड़कों पर चलना पड़ता है, जहां एक ओर सड़क किनारे वाहन खड़े रहते हैं और दूसरी ओर मुख्य सड़क पर लगातार यातायात चलता रहता है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
आने वाले दिनों में स्कूल खुलने के बाद बच्चों को भी इन्हीं टूटे-फूटे और असुरक्षित रास्तों से गुजरना पड़ेगा, जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगता है और पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
शहर की म्यूनिसिपैलिटी पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। केवल मुख्य सड़कों ही नहीं, बल्कि गलियों और नालियों की हालत भी दयनीय बनी हुई है। जगह-जगह नालियां टूटी हुई हैं, बदबू फैल रही है और कई स्थानों पर अधूरी खुदाई के कारण सड़क धंसने का खतरा बना हुआ है।
इस संबंध में स्थानीय निवासी अशोक कुमार शर्मा, जाकिर हुसैन, एजाज हुसैन नायक, तारिक हुसैन, सुशील कुमार, जुगल किशोर शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने बताया कि न तो सड़क का ढंग से निर्माण किया गया और न ही फुटपाथ बनाए गए, जिसके कारण आम जनता को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विकास कार्य केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित न रखे जाएं, बल्कि मालीपेठ से वस्सर, जेलना तक पूरे इलाके में फुटपाथ, नालियों और सड़कों का तत्काल सुधार किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।