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Udhampur News: पुल ढहने के 24 घंटे में बीआरओ ने वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर आवाजाही बहाल की

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किश्तवाड़ पाडर मार्ग पर वैकल्पिक मार्ग का निर्माण करते कर्मचारी।  - फोटो : kishatwar news
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किश्तवाड़। पाडर मार्ग पर शनिवार दोपहर को पुल ढहने के बाद 24 घंटे से भी कम समय में यातायात को बहाल कर दिया गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कठिन मौसम परिस्थितियों के बीच रातो रात बेहतरीन इंजीनियरिंग दक्षता से ढहे पुल के पास ही अस्थायी तौर पर वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर दिया। इस मार्ग को छोटी गाड़ियों के लिए खोल दिया गया।
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बता दें, शनिवार दोपहर को रेत से लदे डंपर के गुजरने से पुल ढह गया था। हादसे में डंपर चालक घायल हुआ था। इस पुल के ढहने से चिनाब घाटी क्षेत्र को जोड़ने वाला संपर्क कट गया था। पाडर और हिमाचल की तरफ जाने वाली गाड़ियों के चालकों को लौटना पड़ा था। अब बीआरओ ने अस्थायी तौर पर मार्ग का निर्माण कर यातायात बहाल कर दिया। हालांकि इस ढहे पुल के पास ही नया पुल बनकर तैयार है, लेकिन इसे अभी खोलने में समय लगेगा। इसके चलते आवाजाही बाधित न हो, बीआरओ ने लगातार रातो रात काम कर इस मार्ग को बहाल कर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को लंबे समय तक बाधित होने से बचा लिया।
118 आरसीसी (प्रोजेक्ट सम्पर्क) के अधिकारी कमांडिंग जीवितेश रजोरा ने मौके पर तत्काल निरीक्षण कर युद्धस्तर पर मशीनरी तैनात की और क्षतिग्रस्त ढांचे को बाईपास करते हुए यातायात बहाली सुनिश्चित की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यातायात बहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और यातायात व भार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी बताया गया कि मुख्य पुल की मरम्मत के लिए अलग से कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि अस्थायी मार्ग से फिलहाल यातायात संचालित किया जा रहा है।
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अधिकारियों ने बताया कि यह मार्ग जिले के अत्यंत उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के लिए एकमात्र जीवनरेखा है। ऐसे में त्वरित बहाली अत्यंत आवश्यक थी। मौसम विभाग द्वारा हाल ही में जारी खराब मौसम की चेतावनी के मद्देनजर सीमा सड़क संगठन की तत्परता ने क्षेत्र को बड़े संकट से बचा लिया।
बीआरओ की तेज कार्रवाई से चिनाब बेसिन की गहरी हिमानी घाटियों में रहने वाली बड़ी आबादी को राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने सीमा सड़क संगठन की सतर्कता की सराहना की। एक स्थानीय निवासी ने कहा, कड़ाके की ठंड में अगर रास्ता बंद रहता तो हम पूरी तरह कट जाते। भारी मशीनरी को तुरंत काम करते देख हमें बड़ी राहत मिली।
मौके पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और मौसम में बदलाव के मद्देनज़र किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी अब भी तैनात है। इस बीच फंसे हुए यात्रियों के लिए मौके पर विशेष जलपान की व्यवस्था भी की गई। पूरा अभियान 35 बीआरटीएफ उधमपुर के कमांडर एसके सिंह की प्रत्यक्ष निगरानी में संपन्न हुआ।
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