किश्तवाड़। किजाई के समीप पुल ढहने की घटना के बाद पूरे पाडर क्षेत्र में भारी आक्रोश और भय का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए जिला प्रशासन और ग्रेफ विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल की हालत ही नहीं, बल्कि पाडर मार्ग पर मौजूद अन्य पुलों की स्थिति भी गंभीर हो सकती है। बताया गया कि पिछले कई वर्षों से इस पुल सहित अन्य पुलों पर भी रेत से भरे भारी डंपर और बड़े-बड़े पत्थर लेकर वाहन बेरोकटोक गुजरते रहे हैं, जिससे पुलों की संरचना कमजोर हो गई थी।
आज हुए हादसे के बाद लोगों में डर पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अन्य पुलों की जांच नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह महज संयोग ही है कि हादसे के समय पुल पर केवल एक डंपर चालक मौजूद था। यदि उस समय कोई पैसेंजर वाहन पुल से गुजर रहा होता तो एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने बताया कि पुल के पास बोर्ड लगा हुआ था। इस पर लिखा था कि ये पुल हलके वाहनों के लिए है। इसके बावजूद वर्षों से इस पुल पर ओवरलोड वाहन चलते रहे, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
लोगों ने जिला प्रशासन और ग्रेफ विभाग से मांग की है कि पाडर मार्ग पर स्थित सभी पुलों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। संवाद