किश्तवाड़। जिले में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण (जमाबंदी) कार्य में लापरवाही और खराब प्रदर्शन को लेकर उपायुक्त किश्तवाड़ ने दो पटवारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। एक पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।
उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार निसार अहमद बेग पटवारी हलका चेंजर तथा जावेद इकबाल पटवारी हलका देहरना के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनका वेतन रोका गया है।
एक अलग आदेश में विजय कुमार आफिस पटवारी नयाबत सोहल ( वर्तमान में पीएच सोहल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे) को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और गंभीर उदासीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश में उल्लेख है कि 11 और 12 जनवरी 2026 को हुई समीक्षा बैठकों तथा बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा सौंपे गए कार्यों को पूरा नहीं किया गया। जिले में जमाबंदी के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में भारी देरी की गई।
आदेश में यह भी कहा गया है कि विजय कुमार ने न केवल प्रगति दिखाने में विफलता दिखाई, बल्कि राजस्व विभाग द्वारा डिजिटलीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए जारी निर्देशों की अवहेलना भी की। इससे तहसील स्तर पर प्रशासनिक समस्याएं उत्पन्न हुईं। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें एसडीएम मढ़वा से अटैच किया गया है तथा नियमानुसार उपस्थिति के अधीन जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
मामले की विस्तृत जांच के लिए एसडीएम मढ़वा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पीएच सोहल का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेशों तक आफिस पटवारी एसडीएम कार्यालय पाडर को सौंपा गया है।
उपायुक्त किश्तवाड़ ने दोहराया कि विशेषकर भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण जैसे महत्वपूर्ण सुधारात्मक कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही और गैर-प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जवाबदेही, अनुशासन और प्रभावी जनसेवा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।