कटड़ा। जम्मू-कश्मीर मजदूर-दस्तकार यूनियन के उप प्रधान ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों, छोटे दुकानदारों तथा मेहनतकश परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें बैंक ऋण और बढ़ते ब्याज के बोझ से जुड़ी अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
उप प्रधान ने बताया कि क्षेत्र के अनेक किसानों ने खेतीबाड़ी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत ऋण लिया हुआ है, जबकि कई छोटे दुकानदार, रेहड़ी-फड़ी संचालक और अन्य स्वरोजगार से जुड़े लोगों ने भी बैंकों से कर्ज लिया है। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण समय पर किस्तें जमा नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में न तो उनका केसीसी ऋण माफ किया जा रहा है और न ही बकाया ब्याज में कोई राहत दी जा रही है, जिससे उनका बैंक रिकॉर्ड लगातार खराब हो रहा है और भविष्य में उन्हें नया ऋण मिलने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वैष्णो देवी यात्रा से जुड़े घोड़ा, पिट्ठू, पालकी संचालकों, रेहड़ी-फड़ी वालों और छोटे व्यापारियों की आय भी पिछले कुछ समय से प्रभावित हुई है। इसके चलते कई परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और बैंक ऋण का भुगतान करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। उप प्रधान ने जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर सरकार तथा उपराज्यपाल से अपील करते हुए कहा कि गरीब किसानों, छोटे दुकानदारों, घोड़ा, पिट्ठू, पालकी संचालकों, रेहड़ी-फड़ी व्यवसायियों और अन्य मेहनतकश वर्ग को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने मांग की कि कम से कम इन लोगों के बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज को माफ किया जाए या उसमें विशेष छूट दी जाए।