फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: डेंगू पर नियंत्रण, फिर भी खतरा बरकरार<bha>;</bha> अब तक 17 मामले

विज्ञापन
विज्ञापन
उधमपुर। जिले में इस वर्ष डेंगू की स्थिति पिछले साल की तुलना में नियंत्रण में है, लेकिन सितंबर में मौसम में बदलाव के साथ संक्रमण का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। सितंबर माह में अब तक डेंगू के तीन नए मामले सामने आए हैं। इनमें दो मामले मजालता और एक मामला टिकरी क्षेत्र का है। इसके साथ ही इस वर्ष जिले में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 17 पहुंच गई है। वहीं, मलेरिया का भी एक नया मामला सामने आया है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष डेंगू के मामलों में पिछले वर्षों की तुलना में काफी कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में सितंबर तक जिले में डेंगू के 79 मामले सामने आए थे और पूरे वर्ष यह आंकड़ा 426 तक पहुंच गया था। वहीं, वर्ष 2024 में 328 तथा वर्ष 2023 में 720 मामले दर्ज किए गए थे। इसके मुकाबले इस वर्ष अब तक 17 मामले सामने आए हैं।
29 टीमें गांव-गांव कर रहीं निगरानी
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निगरानी और जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जिले में 29 टीमें इस कार्य में तैनात हैं। इनमें उधमपुर में 9, टिकरी में 8, पंचैरी में 6, मजालता में 4 और चिनैनी में 2 टीमें शामिल हैं। टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के उपाय बता रही हैं। साथ ही घरों और आसपास पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच कर लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन

सितंबर में 4,330 मलेरिया टेस्ट
मलेरिया की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच कर रहा है। सितंबर माह में अब तक करीब 4,330 मलेरिया टेस्ट किए जा चुके हैं। इस दौरान मलेरिया का एक नया मामला सामने आया है। इससे पहले भी जिले में एक मामला दर्ज हो चुका था। विभाग के अनुसार अब तक कुल 34,666 मलेरिया टेस्ट किए जा चुके हैं।
डेंगू की रोकथाम के लिए नगर परिषद की ओर से फॉगिंग भी करवाई जा रही है। विभाग के अनुसार पूरे जिले में एक साथ फॉगिंग करने के बजाय जरूरत और सामने आए मामलों के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक पांच वार्डों में फॉगिंग की जा चुकी है। जिन इलाकों में डेंगू का मामला सामने आता है या मच्छरों के पनपने की आशंका अधिक होती है, वहां फॉगिंग और अन्य नियंत्रण गतिविधियां की जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीमें पहुंचकर स्प्रे और अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही हैं।
आने वाले महीनों में भी सतर्कता जरूरी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मोहम्मद लतीफ ने कहा कि डेंगू का खतरा केवल सितंबर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले कुछ महीनों में भी संक्रमण की आशंका बनी हुई है। ऐसे में लोगों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद वही मच्छर दूसरे व्यक्ति तक संक्रमण पहुंचा सकता है। तेज बुखार, शरीर व जोड़ों में दर्द और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें