उधमपुर। जिले में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर से 25 किसानों का चयन किया गया। जिन्हें आधुनिक मधुमक्खी पालन तकनीकों के प्रशिक्षण के लिए पंजाब के कृषि विज्ञान केंद्र पठानकोट में भेजा गया। उपायुक्त मिंगा शेरपा ने किसानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि उधमपुर में मधुमक्खी पालन तेजी से बढ़ रहा है और खासकर युवा इस व्यवसाय से जुड़ रहे हैं। किसानों के लिए मधुमक्खी पालन आय का अतिरिक्त साधन बन सकता है।
सर्दियों के दौरान जिले की मधुमक्खी कालोनियों को राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में भी ले जाया जाता है। मधुमक्खी पालन अब केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है बल्कि मोम, बी-पोलन जैसे दूसरे उत्पाद भी मिलते है जिन्हें बेचकर किसान अतिरिक्त आमदनी कर सकता है। डीसी ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाया जाए और उनके उत्पादों को सही बाजार मिले। उन्होंने कहा कि सुद्धमहादेव एफपीओ का शहद जिले में अपनी पहचान बना रहा है। इसी तरह जिले में बन रहे दूसरे हनी इलाकों को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के बाद किसान मधुमक्खी पालन को बेहतर तरीके से कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे। इस मौके मुख्य कृषि अधिकारी विकास पाधा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।