उधमपुर। श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की तरफ से निर्धारित कट आफ टाइमिंग सार्वजनिक परिवहन चालकों और यात्रियों के लिए कही न कही परेशानी का कारण बन गई हैं। बस और टैक्सी चालकों का कहना है कि इस व्यवस्था से फेरे घट गए हैं, आमदनी प्रभावित हो रही है और यात्रियों को भी समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से नेशनल हाइवे में कट आफ टाइमिंग लागू करने के कारण सार्वजनिक परिवहन पर असर पड़ रहा है। हालांकि यात्रा की सुविधा को देखते हुए यह निर्णय लिए गए हैं लेकिन इस व्यवस्था के कारण चालकों की आमदनी घट गई है, जबकि यात्रियों को भी अनावश्यक इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले जहां एक बस दिन में करीब दो से चार फेरे लगा लेती थी अब व्यवस्था के कारण सीमित फेरे ही हो पा रहे हैं। इससे संचालकों की आय पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं टैक्सी चालकों ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि यात्रा के कारण सख्ती हो गई है जिसके कारण वाहनों की जांच की जाती है इससे चलते कई बार समय पर नहीं पहुंच पाते हैं और उन्हें अगले दिन का इंतजार करना पडता है। इस कारण काम कम हो गया है और दैनिक आमदनी में भी कमी आई है। इसके अलावा कई यात्रियों को बीच रास्ते में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करन पड़ता है।
बस यूनियन अध्यक्ष रशपाल सिंह ने मांग की है कि वे अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का पूरा सम्मान करते हैं। प्रशासन के साथ सहयोग भी करते हैं, लेकिन आम लोगों और सार्वजनिक परिवहन की परेशानियों को भी ध्यान में रखा जाए।
टैक्सी यूनियन अध्यक्ष सोनू जम्वाल ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए जिससे यात्रियों की सुरक्षा भी बनी रहे, सार्वजनिक परिवहन सुचारू रूप से चलता रहे।
कोट
कट ऑफ टाइमिंग के निर्धारित समय के बाद उन वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी जाती है, जिनके पास पहले से होटल की बुकिंग हो या यात्रा से जुड़े दस्तावेज हो। वाहनों की जांच की भी की जा रही है।
- पंकज सूदन, यातायात डीएसपी