उधमपुर। जिला उपायुक्त मिंगा शेरपा ने दत्तक ग्रहण कानून के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एक बच्चे को गोद लेने वाले माता-पिता को औपचारिक रूप से सौंपा। इस दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता भी मौजूद रहीं।
दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया मिशन वात्सल्य के तहत संचालित स्टेट एडाप्शन एजेंसी (फुलवारी) द्वारा संबंधित अधिकारियों के समन्वय से संपन्न कराई गई। इस दौरान कानून में निर्धारित सभी वैधानिक प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मिंगा शेरपा ने गोद लेने वाले परिवार को बधाई देते हुए कहा कि बच्चे को अब एक सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और बेहतर पारिवारिक वातावरण मिलेगा, जो उसके समग्र विकास में सहायक होगा। जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता ने बताया कि यह दत्तक ग्रहण प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम, 2015 तथा सेंट्रल एडाप्शन रिसोर्स अथारिटी द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण नियमों के तहत पूरी की गई है।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान बच्चे के कल्याण और सर्वोत्तम हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। प्रशासन ने कानूनी रूप से गोद लेने वाले इच्छुक नागरिकों से अपील की है कि वे जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क करें अथवा सीएआरए की अधिकृत प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कर दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया अपनाएं।