उधमपुर। जिले के घोरडी, लड्डन, रामनगर, रिट्टी और उधमपुर जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता और भारी मात्रा में कोकून का उत्पादन किया जाता है। सेरीकल्चर विभाग की तरफ से आयोजित कोकून मंडी के सातवें दिन 225 किसानों ने 5247.3 किलोग्राम कोकून की बिक्री कर लगभग 25 लाख 53 हजार रुपये का कारोबार किया।
शुक्रवार को कोकून की कीमत 1800 रुपये किलो तक पहुंची। फिर भी पिछले साल के मुकाबले किसानों को उपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं। 6 जून से शुरू हुई यह मंडी 20 जून तक जारी रहेगी। मंडी के सातवें दिन कुल 225 किसानों ने फसल की बिक्री की, जिनमें 112 पुरुष और 113 महिला किसान शामिल रहे। दिनभर चली नीलामी के दौरान 5247.3 किलोग्राम कोकून की बिक्री हुई। इससे किसानों ने 25 लाख 53 हजार 539.74 रुपये का कारोबार किया।
कोकून उत्पादन के मामले में उधमपुर जिला लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है। जिले के घोरडी, लड्डन, रामनगर, रिट्टी और उधमपुर क्षेत्र बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि यहां उत्पादित कोकून की मांग मंडी में लगातार बनी रहती है। प्रदेश स्तर पर उधमपुर के बाद राजोरी दूसरे तथा कठुआ तीसरे स्थान पर है।
हंस राज, प्रकाश चंद, राम दास व अन्य किसानों का कहना है कि रेशम उत्पादन उनके लिए खानदानी कारोबार बन चुका है। तीन से चार पीढ़ियां यहीं काम करते हुए गुजर गई और बचपन से ही यह सब देखते हुए हमने भी इसे सीख लिया। मंडी के माध्यम से हमें अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर मंच मिलता है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है और सीधे बाजार मूल्य का लाभ मिलता है।