मुख्य समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते नेता पवन खजूरिया व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता।
- फोटो : udhampur news
उधमपुर। समाज सेवक पवन खजूरिया ने कार्यालय में स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर शहर की बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहर पिछले 20 वर्षों से मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका।
सबसे बड़ी समस्या पेयजल संकट की है जो पिछले दो दशकों से जस की तस बनी हुई है। हर साल गर्मियों के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों को अपनी जरूरत के लिए टैंकर द्वारा पानी मंगवाना पड़ता है। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई मोहल्लों में हफ्तों तक पानी की सप्लाई नहीं होती। इसके अलावा शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। पिछले 20 सालों में सड़कों का सही तरीके से न तो निर्माण हुआ और न ही मरम्मत। जगह-जगह गड्ढों ने सड़कों को खतरनाक बना दिया है जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
खजूरिया ने कहा कि जो थोड़ी बहुत सुविधा बची थी, उसे भी सीवरेज प्रोजेक्ट के अधूरे और अव्यवस्थित कार्य ने खत्म कर दिया है। शहर के लगभग सभी इलाकों में सीवरेज की गंभीर समस्या बनी हुई है। इससे गंदगी, बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि एक बारिश में ही सीवरेज का पानी लोगों के घरों में पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि शहर के वार्डों की संख्या 12 से बढ़ाकर 17 और फिर 17 से बढ़ाकर 21 कर दी गई लेकिन सुविधाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। वार्डों की संख्या बढ़ने के बावजूद न तो पानी, न सड़क और न ही सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ। सफाई कर्मचारियों की संख्या में भी बढ़ोतरी न के बराबर है। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि केवल कागजों में ही विस्तार किया गया है। जमीनी स्तर पर जनता को कोई राहत नहीं मिली। अभी भी शहर के कई वार्डों में सड़के और गलियां कच्ची हैं।
खजूरिया ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि शहर की इन गंभीर समस्याओं का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो जनता को मजबूर होकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा। इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ नेता राकेश गुप्ता, राजकुमार बुच्चा, संजय वर्मा, एडवोकेट रिकी, राजकुमार खोखर, गगन शर्मा, रोहित सरमाल, सन्नी कलसोत्रा, रछपाल सिंह आदि भी मौजूद थे।