पौनी। भांबला स्थित सूंगल टनल में एंबुलेंस को गुजरने की अनुमति दे दी गई है जबकि 22 अगस्त को आम जनता के लिए भी खुल जाएगी। भांबला स्थित सूंगल टनल को आम जनता के लिए खोलने की मांग को लेकर रविवार को हुए प्रदर्शन के बाद सोमवार को अतिरिक्त राजस्व अधिकारी नितिन वर्मा की अध्यक्षता में प्रदर्शनकारियों और संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुगल टनल से वीवीआईपी और मंत्रियों के वाहनों को आने-जाने की अनुमति दी जाती है, जबकि आम लोगों के वाहनों और एंबुलेंस को भी टनल से गुजरने की अनुमति नहीं है।
उनका कहना है कि खराब सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि कम से कम गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को टनल से गुजरने की अनुमति दी जाए। इससे समय रहते उपचार मिल सके और लोगों की जान बचाई जा सके। बैठक में मौजूद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सुगल टनल का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि टनल के अंदर वाहनों की आवाजाही से कंपन होता है तथा सुरक्षा संबंधी कई कार्य अभी बाकी हैं। टनल में अग्निशमन व्यवस्था, पानी की आपूर्ति प्रणाली, लाइटें और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का कार्य जारी है। यदि किसी वाहन में आग लगने जैसी घटना होती है तो उससे निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं।
बीआरओ अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से एंबुलेंस को टनल से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति बनी है। साथ ही उन्होंने बताया कि 22 अगस्त तक टनल का निर्माण कार्य पूरा कर इसे आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि तब तक किसी भी वीआईपी, मंत्री अथवा अन्य अधिकारियों के वाहनों को भी टनल से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के आश्वासन का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि निर्धारित समय के भीतर टनल को पूरी तरह तैयार कर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस अवसर पर तहसीलदार पौनी साहिल रंधावा और डीएसपी स्मृति शर्मा भी मौजूद रहीं।