पौनी। ब्लॉक क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित माड़ी-मता सड़क पर शनिवार को हुए भूस्खलन के चलते मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे कई वाहन रास्ते में फंस गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले ही उन्होंने प्रशासन को इस सड़क पर भूस्खलन की आशंका से अवगत कराया था। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर अक्सर भूस्खलन होता है लेकिन संबंधित विभाग समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाता। सड़क बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यक सामान लाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार सड़क बंद होने पर मरीजों को करीब 13 किलोमीटर तक चारपाई पर उठाकर पौनी अस्पताल ले जाना पड़ता है। उनका दावा है कि समय पर उपचार न मिलने के कारण पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है।
स्थानीय निवासी मुकेश सिंह और पंकज सिंह ने बताया कि शनिवार को उनके गांव में एक व्यक्ति का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लोग अपने वाहनों से पहुंचे थे, लेकिन उसी दिन हुई भारी बारिश के कारण सड़क भूस्खलन की चपेट में आ गई और वाहन वहीं फंस गए। लोगों को मार्ग खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि उनका आरोप है कि अधिकारियों की ओर से पर्याप्त तत्परता नहीं दिखाई गई।
इस संबंध में पीएमजीएसवाई के जूनियर इंजीनियर अंकुश ने बताया कि सुबह से ही जेसीबी मशीन मौके पर भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि युद्ध स्तर पर सड़क से मलबा हटाने का कार्य जारी है और जल्द ही मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।