जिला ट्रेनिंग अकादमी की छात्राएं नाराजगी जताती हुईं।
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उधमपुर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को वर्ल्ड कप जीतकर फिर से इतिहास रचा, लेकिन इस उपलब्धि को लेकर देश भर में पुरुष क्रिकेट विश्व कप के मुकाबले उत्साह में कमी को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई।
जहां एक तरफ पुरुषों की क्रिकेट टीम के जीतने पर पूरे देश में जश्न मनाया जाता है, वहीं महिलाओं की सफलता पर उस तरह का माहौल और जोश देखने को नहीं मिला। जिला ट्रेनिंग अकादमी की छात्राओं ने सुभाष स्टेडियम में संस्था के संस्थापक यशपाल और उनकी पूरी टीम के साथ जीत का जश्न मनाया। इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि आज भी महिलाओं और पुरुषों में भेदभाव किया जा रहा है। जिले की ट्रेनिंग अकादमी की छात्राओं का कहना है कि जिस तरह पुरुषों के वर्ल्ड कप के दिन जनता में उत्साह देखा जाता है, जगह-जगह एलईडी लगाई जाती है और हजारों की भीड़ देखने को मिलती है, जीत केे बाद डीजे लगाकर और पटाखे जलाकर रातभर जीत का जश्न मनाया जाता है। उस तरह का उत्साह और तैयारियां महिलाओं की जीत पर क्यों नही की गई। जहां एक तरफ हर जगह महिलाओं और पुरुषों में समानता की बात की जाती है, वहीं दूसरी और भेदभाव भी किया जा रहा है। उनका कहना हैं कि क्या यह समानता की बात सिर्फ किताबी और मुंहबोली बातें बनकर रह गई हैं। महिलाएं हर जगह पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिला कर चल रही हैं। यदि इस तरह से चलता रहा तो महिलाओं का आगे बढ़ने का उत्साह कैसे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं और पुरुषों में भेदभाव की भावनाएं देखने को मिल रही हैं। संवाद