उधमपुर। विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य पर भारतीय राष्ट्रीय कला, संस्कृति और विरासत ट्रस्ट ने उधमपुर जिले में बावलियों जैसे जल निकायों का दस्तावेजीकरण शुरू किया। इसके चलते सदस्यों ने शहर में विभिन्न ऐतिहासिक बावलियों का दौरा किया और उनका दस्तावेजीकरण किया।
सह-संयोजक अनिल पाबा ने बताया कि शहरीकरण, आधुनिकीकरण के कारण उधमपुर में बावलियों जैसे कई जल निकायों को दफन कर दिया गया है, उन पर अतिक्रमण किया गया है या उन्हें उपेक्षित छोड़ दिया गया है। पाबा ने कहा कि शहर के आसपास की कई बावलियां दुर्भाग्य से कचरे के डंपिंग ग्राउंड में बदल गई हैं। सदस्य भारत भूषण ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इन जल निकायों की रक्षा की जाए और इनका जीर्णोद्धार किया जाए। संवाद