बनिहाल में सेना की ओर से नात-ए-नबी कार्यक्रम आयोजित, सांप्रदायिक सौहार्द का दिया संदेश
- फोटो : महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर रविवार को आयोजित विजयोत्सव।
रामबन। सेना ने शनिवार को गूल क्षेत्र में वीडीजी के लिए एक व्यापक समन्वय बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रतिभागियों को एसएलआर राइफल के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। हाल ही में इन आधुनिक हथियारों ने पुरानी .303 राइफलों की जगह ली है।
इस कार्यक्रम में आसपास के गांवों से आए 60 से अधिक वीडीजी सदस्यों ने भाग लिया। इनमें पूर्व सैनिक एवं महिला स्वयंसेवक भी शामिल थे। यह पहल क्षेत्र में सुरक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए सेना के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य वीडीजी की भूमिका को “पहली सुरक्षा पंक्ति” के रूप में और अधिक प्रभावी बनाना था। इसके अलावा स्वयंसेवकों को छोटे स्तर की युद्धक रणनीतियों, आत्मरक्षा तकनीकों तथा संभावित खतरों से निपटने के लिए सुरक्षात्मक बंकर निर्माण का प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान सेना के अधिकारियों ने नागरिक-सैन्य समन्वय के महत्व पर बल दिया। स्थानीय लोगों और निकटवर्ती सेना एवं राष्ट्रीय राइफल्स इकाइयों के बीच बेहतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। वीडीजी सदस्यों ने कहा कि आधुनिक हथियारों और नियमित प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
बनिहाल में सेना की ओर से नात-ए-नबी कार्यक्रम आयोजित, सांप्रदायिक सौहार्द का दिया संदेश- फोटो : महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर रविवार को आयोजित विजयोत्सव।