रामनगर। रामनगर क्षेत्र के नोजी बावली नाले पर बने लगभग 100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक पुल की मरम्मत न होने और उसकी बजाय दूसरी जगह नया पुल बनाए जाने के प्रस्ताव का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चेतावनी दी है कि यदि पुराने पुल की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
स्थानीय निवासी अंकुश शर्मा, आरती शर्मा, श्याम सिंह, सूरत सिंह, सुदेश कुमार, श्याम सरूप, मनोहर लाल, गीता शर्मा, कृष्ण लाल ने बताया किड़मू ए पंचायत के अंतगर्त पड़ता नोजी शिव मंदिर के पास नाले के ऊपर बना पुल पिछले कई वर्षों से खस्ताहाल है। यह पुल करीब एक सदी पहले गांव के बुजुर्गों ने अपने सामूहिक प्रयासों से बनाया था। वर्षों से रखरखाव नहीं होने के कारण पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कई बार ग्रामीण विकास विभाग तथा एसडीएम कार्यालय को लिखित आवेदन देकर पुल की मरम्मत की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार यह पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि करीब 200 परिवारों की जीवनरेखा है। गांव के लोग प्रतिदिन इसी पुल के रास्ते नोजी बावली से पेयजल लेकर आते हैं। ऐसे में पुल की अनदेखी सीधे तौर पर लोगों की दैनिक जरूरतों को प्रभावित कर रही है। लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा दूसरी जगह नया पुल बनाने से केवल कुछ परिवारों को लाभ मिलेगा, जबकि पुराने पुल की मरम्मत होने पर लगभग 200 परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।
कोट
यह पुल हमारे पूर्वजों की निशानी है। कई बार विभाग और प्रशासन को आवेदन दिए, लेकिन किसी ने इसकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया। हमें नया नहीं, बल्कि यही पुल सुरक्षित चाहिए।
-अंकुश शर्मा, स्थानीय ग्रामीण।
हम वर्षों से इसी पुल के रास्ते नोजी बावली से पानी ला रहे हैं। यदि यह पुल बंद हुआ तो सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीणों को होगी।
-सुदेश कुमार, ग्रामीण
गांव की महिलाएं रोज इसी रास्ते से पानी लेने जाती हैं। पुल की हालत देखकर हर समय हादसे का डर बना रहता है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
-आरती शर्मा, ग्रामीण