रामनगर। लगातार हो रही बारिश के कारण तहसील रामनगर के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधीन आने वाला चौकी-कटवालत मार्ग शनिवार सुबह भारी भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर गिरने से मार्ग करीब सात घंटे तक यातायात के लिए पूरी तरह बंद रहा। इससे क्षेत्र के लोगों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात से जारी बारिश के बीच सुबह करीब पांच बजे पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा। सुबह सात बजे कटवालत से रामनगर की ओर आने वाली पहली बस मार्ग बंद मिलने के कारण बीच रास्ते में ही रुक गई। इसके बाद दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और कई यात्री घंटों तक फंसे रहे।
मार्ग बंद होने के बाद वाहन चालकों, परिचालकों और स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं हाथों से छोटे पत्थरों को हटाकर रास्ता खोलने का प्रयास शुरू किया। लगभग चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद केवल छोटे निजी वाहनों के निकलने लायक रास्ता बनाया जा सका।
इस दौरान सूचना मिलने पर पीएमजीएसवाई विभाग की जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची। मशीन की सहायता से सड़क पर गिरे बड़े पत्थरों और मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया गया। करीब दोपहर 12 बजे मार्ग पूरी तरह बहाल कर दिया गया। इसके बाद दोनों ओर से बसों और अन्य यात्री वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई।
स्थानीय ग्रामीण एवं समाजसेवी रणजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि सुबह करीब सात बजे वे निजी वाहन से कटवालत से रामनगर की ओर आ रहे थे। रास्ते में पहाड़ से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा गिरने के कारण सड़क पूरी तरह बंद मिली। इसके बाद वाहन चालकों, परिचालकों और अन्य ग्रामीणों ने मिलकर स्वयं ही सड़क पर पड़े छोटे पत्थरों को हटाने का कार्य शुरू किया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि ग्रामीण स्वयं आगे बढ़कर सड़क साफ करने का प्रयास नहीं करते तो मार्ग खुलने में और अधिक समय लग सकता था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बरसात के मौसम में संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी और कर्मचारियों की त्वरित तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।