रामनगर। लगातार हो रही बारिश का असर शनिवार को रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग पर देखने को मिला। कुलवंता क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ा एक विशाल पेड़ अचानक मार्ग पर गिर गया। इससे रामनगर-बसंतगढ़ मुख्य सड़क करीब 5 घंटे तक यातायात के लिए पूरी तरह बाधित रही। पेड़ गिरने से 33 केवी बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई और पांच बिजली के पोल टेढ़े हो गए। इसके चलते मजोडी-बसंतगढ़ 33 केवी रिसीविंग स्टेशन से जुड़े कई गांवों में लगभग साढ़े नौ घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
शनिवार सुबह से ही मार्ग बंद होने से दोनों ओर छोटे-बड़े यात्री वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री वाहनों में सफर कर रहे यात्रियों को घंटों सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। कई लोग जरूरी कार्यों के लिए समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। लगातार बारिश के कारण मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ की कटाई का कार्य शुरू किया। विभाग ने युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए सड़क पर गिरे पेड़ को हटाया और कुछ ही समय में यातायात बहाल कर दिया।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि मार्ग बंद होने की सूचना सुबह प्राप्त होते ही कर्मचारियों और मशीनरी को मौके पर भेजा गया। पेड़ की कटाई और सफाई का कार्य तेजी से किया गया। इसके बाद सड़क को छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
उधर, बिजली विभाग के 33 केवी इंचार्ज चरणदास ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 4:45 बजे 33 केवी बिजली ढांचे के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली। सुबह 5:15 बजे कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। निरीक्षण में पाया गया कि पेड़ गिरने से पांच बिजली के पोल टेढ़े हो गए थे और लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। कर्मचारियों ने लगातार कई घंटे तक मरम्मत कार्य किया और खंभों को सीधा कर लाइन को दुरुस्त किया। इसके बाद दोपहर करीब 2:30 बजे मजोडी-बसंतगढ़ 33 केवी रिसीविंग स्टेशन से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर विभागीय टीमें मौके पर पहुंचने से सड़क और बिजली व्यवस्था जल्द सामान्य हो सकी। हालांकि उन्होंने सड़क किनारे खड़े जर्जर और जोखिम वाले पेड़ों की समय रहते छंटाई कराने की भी मांग उठाई, ताकि मानसून के दौरान इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।