रामनगर। देश को आजाद हुए 75 वर्ष से अधिक हो गए लेकिन कई गांवों में मार्ग तक नहीं बन पाए। इस कारण ग्रामीणों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। ऐसा ही एक गांव कनूआ भी है। पिछले बीस वर्षों से ग्रामीणों ने तीन किलोमीटर मार्ग बनाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन आज तक मांग अधूरी पड़ी है।
तहसील रामनगर की पंचायत दिहाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत पड़ते कनूआ गांव में 500 के करीब ग्रामीण रहते हैं। स्थानीय ग्रामीण कुलदीप कुमार, रोशन लाल, पूर्ण चंद, सुदेश कुमार, पवन कुमार, कमलजीत, मनोहर लाल, सूरम चंद ने बताया प्लासा गांव से कनूआ तीन किलोमीटर मार्ग पड़ता है। पिछले बीस वर्षों से तीन किलोमीटर मार्ग बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग सहित कई पूर्व विधायकों को कई बार अवगत करवाया था लेकिन ग्रामीणों की मांग अधूरी ही है।
ग्रामीणों ने बताया इस समस्या को दोबारा से नवनियुक्त विधायक सुनील भारद्वाज के समक्ष रखा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द समाधान होगा परंतु अभी तक मार्ग के निर्माण कार्य के लिए कोई आगे नहीं आया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सिर्फ ट्रैक्टर पहुंचने के लिए खुद पैसे इकट्ठे करके एक किलोमीटर मार्ग बनाया है ताकि फसलों की बिजाई के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। अगर कोई बुजुर्ग व्यक्ति बीमार हो जाए उसे पालकी में बिठाकर तीन किलोमीटर पैदल सफर तय करके प्लासा मार्ग तक पहुंचाया जाता है।
कोट
तीन किलोमीटर मार्ग नहीं बनने से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण विकास विभाग जल्द मार्ग बनाने के लिए सोचें।
-विजय कुमार, स्थानीय ग्रामीण
इस गांव में कई जंगली जानवर हैं। प्लासा से कनुआ तीन किलोमीटर मार्ग नहीं बनने के कारण ग्रामीण पैदल सफर तय करते समय जंगली जानवरों के हादसों का शिकार हो सकते हैं। संबंधित विभाग मार्ग बनाने का जल्द संज्ञान ले।
- मदन लाल दुबे, स्थानीय ग्रामीण
बीस वर्षों की मांग अभी तक अधूरी है। ग्रामीणों ने मार्ग बनाने के लिए कई पूर्व विधायकों को अवगत करवाया लेकिन मार्ग नहीं बन पाया। नवनियुक्त विधायक से मांग है कि जल्द मार्ग बनाया जाए।
- ज्ञानचंद, स्थानीय ग्रामीण