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Udhampur News: मुख्य अभियंता को लिखा पत्र, 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट की मांग

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उधमपुर। उधमपुर पश्चिम के विधायक एवं जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के उपनेता पवन कुमार गुप्ता ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में कथित अनधिकृत उप-ठेकेदारी पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में वीरवार को पीएमजीएसवाई विभाग के मुख्य अभियंता, जम्मू को पत्र लिखकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच, निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी।
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पवन गुप्ता ने पत्र में कहा कि कुछ कार्यस्थलों पर ऐसे संकेत मिले हैं कि ठेका हासिल करने के बाद कुछ ठेकेदार काम दूसरे व्यक्तियों या एजेंसियों को सौंप रहे हैं और आगे इसे तीसरे पक्ष तक हस्तांतरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की उप-ठेकेदारी की अनुमति संबंधित अनुबंध में नहीं है तो यह गंभीर मामला है। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होने और सरकारी धन के उचित उपयोग पर सवाल उठने की आशंका रहती है।

उन्होंने विशेष रूप से उन कार्यों की जांच पर जोर दिया, जिनमें ठेकेदारों ने बहुत कम दरों पर ठेके हासिल किए हैं। उनके अनुसार यदि काम बार-बार दूसरे पक्षों को सौंपा जाता है तो वास्तविक निर्माण करने वाली एजेंसी के पास उपलब्ध धन और संसाधन कम हो सकते हैं, जिससे सामग्री, मशीनरी, श्रम और निगरानी की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है।
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पुरानी सड़कों की हालत का दिया हवाला

विधायक ने उधमपुर-मालती और कैंथगली-बैरियोट सड़कों सहित क्षेत्र की कुछ सड़कों की खराब हालत का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्याप्त सरकारी खर्च के बावजूद कई स्थानों पर गड्ढे, धंसाव और सड़क की उबड़-खाबड़ सतह जैसी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने आग्रह किया कि नई स्वीकृत और निर्माणाधीन सड़कों में ऐसी स्थिति दोबारा न बने तथा निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।

कार्यस्थलों का निरीक्षण और भुगतान से पहले गुणवत्ता जांच की मांग

पत्र में पवन गुप्ता ने विभाग से प्रत्येक कार्यस्थल पर भौतिक सत्यापन कराने, वास्तविक निर्माण करने वाली एजेंसी की पहचान करने तथा ठेकेदार की मशीनरी, तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों की उपलब्धता जांचने की मांग की है। उन्होंने असामान्य रूप से कम दरों पर दिए गए ठेकों की विशेष जांच करने और काम सौंपने से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए और वास्तविक निर्माण, सामग्री की गुणवत्ता तथा कार्य की निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच किए बिना किसी बिल के भुगतान की सिफारिश नहीं की जानी चाहिए। यदि अनधिकृत उप-ठेकेदारी या निर्माण में खामी की पुष्टि होती है, तो अनुबंध के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

15 दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी

पवन गुप्ता ने उधमपुर और रियासी जिलों में जारी पीएमजीएसवाई कार्यों की कार्यवार जांच कर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई एवं अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। रिपोर्ट में ठेकेदार का नाम, स्वीकृत ठेका राशि, उप-ठेकेदारी की अनुमति, वास्तव में काम करने वाली एजेंसी, उपलब्ध मशीनरी और तकनीकी कर्मचारियों के विवरण के साथ उल्लंघन पाए जाने पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल ठेके से जुड़ी अनियमितताओं को रोकना नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन से बनने वाली सड़कों को टिकाऊ बनाना और लोगों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और सड़कें समय से पहले खराब होने की समस्या को रोकने में मदद मिल सकती है।
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