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Udhampur News: शहर में नालों की बदहाली से मिलेगी राहत, 1.32 करोड़ से सुधरेगी जलनिकासी व्यवस्था

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उधमपुर। लम्बे समय से बदहाली से जूझ रहे शहर की गंदगी ढोने वाले नालों की अब जल्दी मरम्मत होने जा रही है। प्रशासनिक मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से शहर के विभिन्न हिस्सों में मौजूद इन नालों के निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन पर करीब 1.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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उल्लेखनीय है कि शहर के कई इलाकों में पुराने और क्षतिग्रस्त नालों के कारण बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित हो जाती है। नाले ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे आम लोगों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगह गंदा पानी जमा होने से सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है। प्रस्तावित कार्यों के पूरा होने के बाद इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।


कार्य का नाम लागत
1. जीएमएस शक्तिनगर से मास्टर दिदा राम हाउस तक नाला दीवार व लेन पुनर्निर्माण (वार्ड-7) 15 लाख
2. हाउसिंग कॉलोनी में स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण (वार्ड 18) 14.99 लाख
3. अशोक गुप्ता हाउस के सामने नाला व साइड लेन, मिनी स्टेडियम के पीछे नाला पुनर्निर्माण (वार्ड-4) 12 लाख
4. साईं मंदिर से सेरगढ़ रोड तक नाला, शीतला माता मंदिर से आगे ड्रेन और जैन भवन के पास नाला सुधार (वार्ड-12) 13.98 लाख
5. खजूरिया स्टील से आगे नाला पुनर्निर्माण (वार्ड-17) 11.99 लाख
6. विश्वकर्मा मंदिर (एमएच चौक) और लिटिल फ्लावर स्कूल के पास नाला निर्माण (वार्ड-3,11) 11.95 लाख
7. विश्व देव हाउस से आगे और भारती कॉलेज से धार रोड तक नाला निर्माण (वार्ड-21) 15 लाख
8. अश्वनी कौल हाउस से करलाई तक स्टॉर्म ड्रेन और सुमेश-राजिंदर वर्मा हाउस तक नाला सुधार (वार्ड-15,13) 12.35 लाख
9. अर्जुन सिंह हाउस से सुनील साहनी हाउस तक तथा कश्मीर सिंह से सारिका गुप्ता तक नाला निर्माण (वार्ड-17) 24.87 लाख


वहीं इसको लेकर शहरवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में सबसे बड़ी समस्या पानी की निकासी को लेकर आती है। कई स्थानों पर नालों की क्षमता कम होने या टूट-फूट के कारण पानी सड़कों पर फैल जाता है। इससे पैदल चलने वालों के साथ-साथ व्यापारियों को भी दिक्कत होती है।
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स्थानीय निवासी रवि कुमार, नीरज गुप्ता, विनय सलारिया, कौशल कुमार और अन्य का कहना है कि शहर की गंदगी ढोने वाले पुराने नालों की लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई थी। इसके चलते खासकर बारिश के समय कई इलाकों में पानी जमा हो जाता है। अब अगर इन नाले बनने के बाद उनकी नियमित सफाई भी होती रहे तो जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
कोट
शहर में नालों की मरम्मत को लेकर टेंडर जारी कर दिए गए हैं और इनकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरू किए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य शहर की जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करना और बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करना है।
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-शम्मी गुप्ता, एईई, लोक निर्माण विभाग
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