उधमपुर। पिछले वर्ष की बारिश और बाढ़ में बहे चार पुलों का निर्माण कार्य मंजूरी के बाद भी अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे चिनैनी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का मौसम शुरू होते ही लोगों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि कई गांवों के लिए सुरक्षित आवाजाही का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की निर्माण कार्यों में देरी के कारण उनकी जान जोखिम में पड़ गई है।
शुक्रवार को पखलाई क्षेत्र से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में ग्रामीण सड़क के बीच पड़ने वाले औसू नाले को मानव शृंखला बनाकर पार करते दिखाई दिए। बताया गया कि औसू-दक्खडू पुल पिछले साल बाढ़ में बह गया था। इसके बाद से लोग मजबूरी में उफनते नाले के बीच से होकर गुजर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल बहने के बाद नए पुल को बनाने की देरी ने उनके सफर को जानलेवा बना दिया है। लोग मजबूरी में नाले के बीच से होकर सफर करते हैं लेकिन अब बरसात का सीजन शुरू होने से हादसों का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ गया है।
ग्रामीण सूरज कुमार, कृष्ण लाल, मोती राम, सोहन लाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ने पर अकेले इसे पार करना जानलेवा हो जाता है। ऐसे में 10 से 15 लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़कर कतार बनाते हैं और सामूहिक रूप से नाला पार करते हैं। उनका कहना है कि यदि किसी एक व्यक्ति का भी हाथ छूट जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार मांगलिया, दक्खडू, पखलाई, चढ़त, सलाड़ा और सयूना समेत कई गांवों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। उनका कहना है कि पुल बहने के बाद से लगातार नए पुल के निर्माण की मांग की जा रही है। प्रशासन द्वारा पुलों की मंजूरी मिलने की जानकारी तो दी जाती रही है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि बरसात का मौसम अभी शुरू हुआ है और यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष चिनैनी विधानसभा क्षेत्र में तोलडी नाला पुल, औसू-दक्खडू पुल, सत्यालता पुल और धर्मथल पुल बाढ़ में बह गए थे। इन चारों पुलों के क्षतिग्रस्त होने से करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार चारों पुलों के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
स्वीकृत पुल
नाम लंबाई अनुमानित लागत
तोलडी नाला पुल 98 मीटर 5.40 करोड़
औसू-दक्खडू पुल 40 मीटर 1.95 करोड़
सत्यालता पुल 70 मीटर 1.87 करोड़
धर्मथल पुल 80 मीटर 2.00 करोड़
कोट
चारों पुलों के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। कुछ तकनीकी औपचारिकताओं के कारण कार्य शुरू होने में देरी हुई थी लेकिन अब सभी बाधाएं दूर कर ली गई हैं और अगले एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। फिलहाल औसू-दक्खडू पुल के अभाव में ग्रामीणों को हो रही परेशानी को देखते हुए नाले पर पाइप के माध्यम से डायवर्जन बनाकर अस्थायी आवाजाही की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
-बलवंत सिंह मनकोटिया, विधायक चिनैनी