उधमपुर। ग्रामीण स्वच्छता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ब्लाॅक चनूनता की भूगरत्यान पंचायत में जल्द ही 9 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता वाला मल कीचड़ शोधन संयंत्र (एफएसटीपी) का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 59 लाख रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की तरफ से जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले हाल ही में पंचायत चुलना में 15 केएलडी और पंचायत मांड ईस्ट में 10 केएलडी क्षमता वाले एफएसटीपी के निर्माण की योजना को पूरी करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
विभागीय जानकारी के मुताबिक एफएसटीपी के निर्माण से पंचायत क्षेत्र में शौचालयों से निकलने वाले मल कीचड़ के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की सुविधाओं के अभाव में मल कीचड़ का सही प्रबंधन नहीं हो पाता जिससे पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इस संयंत्र के बनने से इन समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। यह परियोजना न केवल स्वच्छता के स्तर को बढ़ाएगी बल्कि ग्रामीणों में जागरूकता भी पैदा करेगी।
वहीं, क्षेत्रवासियों ने इस पहल का स्वागत किया है। सूरम चंद, अविनाश, कुलदीप सिंह, अंकुश शर्मा व अन्य का कहना है कि यह एक सराहनीय पहल है। इससे गांव की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार आएगा और लोगों को एक साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा। साथ ही, इससे जल स्रोतों के प्रदूषण को रोकने में भी मदद मिलेगी, जो ग्रामीण जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
क्या होता है एफएसटीपी और कैसे करता है काम
यह संयंत्र शौचालयों और सीवेज सिस्टम से निकलने वाले मल और कीचड़ को वैज्ञानिक तरीके से साफ करता है। इसमें मल कीचड़ को अलग-अलग टैंकों और तकनीकी प्रक्रियाओं के माध्यम से शोधन किया जाता है। सबसे पहले ठोस और तरल हिस्सों को अलग किया जाता है। इसके बाद तरल अपशिष्ट को सूक्ष्म जीवाणुओं के माध्यम से शुद्ध किया जाता है और ठोस अपशिष्ट को सुरक्षित रूप से जैविक खाद में बदला जा सकता है। इस प्रक्रिया से न केवल गंदगी और दुर्गंध कम होती है बल्कि जल स्रोतों के प्रदूषण को भी रोका जा सकता है।
कोट
पंचायत भूगरत्यान में एफएसटीपी के निर्माण कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
-सुनील कुमार, एक्सईएन, ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग