उधमपुर। बीते साल हुई भारी वर्षा और बाढ़ से सिंचाई तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लगभग 1.20 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस योजना को प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने सिंचाई क्षेत्र के लिए 70 लाख रुपये तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 50 लाख रुपये के अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं। शीघ्र ही इन कार्यों को प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष वर्षा ऋतु के दौरान आई बाढ़ और भारी बारिश से सिंचाई संरचनाओं को व्यापक क्षति पहुंची थी। इसके परिणामस्वरूप अनेक कृषि क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था बाधित हो गई थी, जिससे किसानों को फसलों के नुकसान और उत्पादन में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। अब मरम्मत कार्य पूर्ण होने के पश्चात किसानों को पर्याप्त राहत मिलने की संभावना है। क्षेत्र के स्थानीय किसान मिल्खी राम, विश्वनाथ, कृष्ण लाल, मनी राम सहित अन्य ने प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि यदि कार्य शीघ्र पूर्ण हो जाता है, तो आगामी फसल चक्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
विभागीय जानकारी के अनुसार, बाढ़ और तीव्र वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुई छह कूलों के टूटे हुए हिस्सों की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि जल आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल हो सके। इसके अतिरिक्त आठ नालों के किनारों पर सुरक्षा कार्य (क्रेट वर्क्स) भी किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करना तथा भूमि कटाव को रोकना है।
इन कूलों की होगी मरम्मत
स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत कलमा कूल, तनाह-फुरो कूल, पंगारा-जागीर कूल, सरोरी कूल, बाच्छल कूल तथा किरची कूल के क्षतिग्रस्त भागों की मरम्मत की जाएगी।
इन नालों पर होगा बाढ़ सुरक्षा कार्य
बाढ़ सुरक्षा कार्यों के तहत बीनी संग, कशीराह, महात्मा कुटिया मोहल्ला नौजी (रामनगर), बट्टल बालियां, मल्हाड़ नाला, माली नाला, नीली नाला, लदियाला नाला तथा दंदयाल नाला के किनारों पर तटबंध निर्माण एवं सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे।
-
जिला के विभिन्न हिस्सों में हुए नुकसान की पूरी मरम्मत के लिए अभी भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी का इंतजार है। फिलहाल जिला के अधिक क्षतिग्रस्त कूलों की मरम्मत और नालों के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इनकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे का काम भी समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
-
गिरधारी लाल, एक्सईएन, सिंचाई एंव बाढ़ नियंत्रण विभाग