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Udhampur News: देविका नदी में सफाई अभियान शुरू, अब लोग भी जिम्मेदार समझें

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देविका में डाले गए कचरे और गंदगी को हटाने के लिए पहुंची नगर परिषद के सफाई कर्मियों की टीम। - फोटो : udhampur news
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उधमपुर। देविका नदी में बढ़ती गंदगी को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सफाई अभियान शुरू कर दिया है। नगर परिषद की ओर से सफाई कर्मियों की विशेष टीम भेजकर हाउसिंग काॅलोनी के हिस्से में नदी से कचरा और गंदगी हटाने का काम सौंपा गया है। प्रशासन की इस पहल के बाद अब आवश्यकता इस बात की है कि आम नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझें और पवित्र नदी को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
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कचरे से पट चुकी देविका नदी की बदहाली के संबंध में सोमवार के अंक में अमर उजाला की तरफ से प्रमुखता से यह मुद्दा उठाया गया था। प्रशासन, जन-प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों के मौन के साथ ही शहरवासियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाया गया। जिसके जवाब में प्रशासन ने तो तत्काल संज्ञान लेकर देविका में पड़ी गंदगी को हटाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है लेकिन अपनी जिम्मेदारी को समझने की बारी अब उन तमाम शहरवासियों की भी है जो अपने घरों से निकलने वाले कचरे को सीधा इस पवित्र नदी में डाल देते हैं।
धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है देविका
देविका केवल उधमपुर शहर की एक नदी नहीं, बल्कि यह आस्था का प्रमुख केंद्र और ऐतिहासिक-धार्मिक धरोहर भी है। इसी के नाम पर उधमपुर को ‘देवक-नगरी’ के रूप में जाना जाता है। नीलमत पुराण में देविका को गंगा नदी की बड़ी बहन का दर्जा प्राप्त है और इसे मां पार्वती का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। इसके महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसके संरक्षण के लिए 187 करोड़ रुपये की परियोजना भी पूरी की है। नमामि गंगे की तर्ज पर विशेष अवसरों पर देविका घाट पर संध्या आरती की परंपरा भी शुरू की गई है। ऐसे में शहरवासियों का भी दायित्व बनता है कि इसे साफ सुथरा बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी को समझे और इसमें गंदगी डालने से परहेज करें।
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कोट
देविका की स्वच्छता को लेकर प्रशासन लगातार अपना काम कर रहा है। देविका घाट पर सफाई कर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई है। अभी आगे नई योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। शहरवासियों को भी देविका में कचरा डालने से परहेज रखना चाहिए। प्रशासन और शहरवासियों के संयुक्त प्रयास से आस्था की इस पवित्र नदी को स्वच्छ और निर्मल रखने में अधिक आसानी होगी और हमें जुर्माने जैसे ठोस कदम उठाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
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-सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद उधमपुर
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