उधमपुर। एआरटीओ कार्यालय उधमपुर में वाहनों की फिटनेस फीस जमा नहीं हो पाने की समस्या को लेकर शनिवार को एक बार फिर से ट्रांसपोर्टरों ने परिवहन विभाग और सरकार के खिलाफ शहर के मुख्य बस अड्डा पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि बार-बार आग्रह के बाद भी सरकार उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रही है। इसलिए अब सोमवार को बैठक के बाद वे चक्का जाम करने पर मजबूर हो जाएंगे, जो मांग पूरी होने तक जारी रहेगा।
प्रदर्शन से पहले मुख्य बस अड्डे पर जमा हुए ट्रांसपोर्टरों ने ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन उधमपुर के बैनर तले फिटनेस फीस जमा नहीं होने की समस्या पर विचार विमर्श किया। इसमें ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन उधमपुर के अध्यक्ष रशपाल सिंह, मिनी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष दर्शन कोतवाल व अन्य एसोसिएशन के पदाधिकारी और चालक भी मौजूद थे।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने एआरटीओ कार्यालय उधमपुर और रियासी में वाहनों की फिटनेस का काम बंद कर दिया है। इससे उधमपुर और रियासी के ट्रांसपोर्टर परेशानी में आ गए हैं, क्योंकि उन्हें अब वाहनों की फिटनेस के लिए जम्मू जाने पर मजबूर किया जा रहा है। लाटी, डुडु-बसंतगढ़, पंचैरी-मौंगरी, लांदर जैसे दूर-दराज के लिंक मार्गों की गाड़ियां अगर फिटनेस के लिए जम्मू जाएंगी, तो उनका आने जाने का अतिरिक्त खर्चा, टोल टैक्स और समय की बर्बादी मिलाकर ट्रांसपोर्टर की कमर तोड़ देगा।
रशपाल सिंह और दर्शन कोतवाल ने कहा कि जम्मू के बिश्नाह में प्राइवेट एटीएस केंद्र स्थापित किया गया है और अब उधमपुर जिले की गाड़ियों को वहां से फिटनेस कराने का आदेश दिया गया है। उधमपुर एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस का काम बंद कर दिया गया है। इससे उधमपुर के वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते वीरवार को भी दो सौ से अधिक गाड़ियां फिटनेस के लिए एआरटीओ कार्यालय उधमपुर पहुंची थीं, लेकिन फिटनेस नहीं हो पाई। मजबूरी में हमें प्रदर्शन करना पड़ा। एआरटीओ ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन मसला हल नहीं हो पाया है। इसलिए अब हम सोमवार को निर्णायक बैठक कर चक्का जाम की घोषणा करेंगे। इस बीच सरकार से अपील है कि हमारी समस्या का समाधान कर राहत दिलाए।
क्या है एटीएस सेंटर
आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (स्वचालित परीक्षण स्टेशन) है, जो भारत सरकार द्वारा अनिवार्य एक ऐसी सुविधा है जहां कमर्शियल वाहनों की फिटनेस की जांच मशीनों द्वारा होती है। यह मैन्युअल हस्तक्षेप के बिना वाहन के प्रदर्शन और उत्सर्जन की जांच करता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और पूरे देश में फिटनेस प्रमाणपत्र मान्य होता है।