कांग्रेस नेता को गढ़ी में कचरा निस्तारण प्लांट की वजह से पेश आ रही परेशानी बताते क्षेत्रवासी।
उधमपुर। शहर से सटे गढ़ी क्षेत्र में रिहायशी इलाके के बीच सेना की ओर से कचरा निस्तारण (डिस्पोजल) प्लांट लगाने से क्षेत्रवासियों को परेशानी हो रही है। प्लांट से निकल रहे से जहरीले धुएं और गंदगी से लोगों की आस्था व सेहत पर भी खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार शर्मा, सुनील कुमार, नीरज व अन्य का कहना है कि यह कचरा निस्तारण प्लांट प्राचीन मंदिर के समीप है। प्लांट से फैल रही गंंदगी और दुर्गंध के कारण मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को मुंह पर रुमाल या कपड़ा रखकर आना पड़ता है जो न केवल आस्था का अपमान है बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सांस संबंधी बीमारियों का डर सता रहा है। इस प्लांट की वजह से आसपास के मोहल्लों की लगभग 10 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो रही है। पहले जहां इस तरह के दो प्लांट लगाए गए हैं और अब एक और प्लांट स्थापित कर दिया गया है। बीते दो साल से हम इस समस्या से पीड़ा में हैं। मंदिर में पूजा-पाठ करने से लेकर घरों में समारोह करना मुश्किल हो गया है। दुर्गंध के कारण समस्या पेश आ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुमित मगोत्रा को मौके पर बुलाया। लोगों ने अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया। मगोत्रा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से संपर्क कर यह जानकारी मांगी कि क्या इस प्लांट के लिए एनओसी जारी की गई है या नहीं। यदि एनओसी दी गई है तो किस आधार पर दी गई क्योंकि किसी भी सूरत में रिहायशी मोहल्ले और धार्मिक स्थल के पास इस प्रकार का प्लांट चलाना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने मांग की कि इस कचरा निस्तारण प्लांट को तत्काल यहां से हटाकर किसी वैकल्पिक, उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट किया जाए ताकि किसी भी वर्ग को कोई परेशानी न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द उचित कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस पार्टी और स्थानीय लोग कानून के दायरे में रहकर इसका विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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कोट
इस मामले को लेकर लोगों की शिकायत सामने आई है। जल्द ही मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। जरूरत के मुताबिक जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
-एसके त्रिपाठी, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी