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Udhampur News: बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क ने रोका एमआरएफ यूनिट पर कचरा निस्तारण का काम

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मांड प​श्चिम में शहर से लाकर जमा किया गया कचरा - फोटो : udhampur news
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उधमपुर। शहर के बाहरी इलाके सुई में स्थापित मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी यूनिट एमआरएफ तक पहुंच के लिए बनी सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद शहर के कचरे को ठिकाने लगाना नगर परिषद के लिए चुनौती बन गया है। तीन महीने से सुई में एमआरएफ यूनिट पर कचरा निपटान का काम ठप पड़ा है। मजबूरन नगर परिषद ने दोबारा से मांड पश्चिम में अपनी इस साइट पर कचरा जमा करना शुरू कर दिया है। इससे मांड पश्चिम वाली इस साइट पर फिर से कचरे के अंबार लगना शुरू हो गए हैं।
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इससे पहले भी साल 2022 में नगर परिषद ने मांड पश्चिम में अपनी 95 कनाल भूमि को कचरा डम्पिंग साइट के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया था। नगर परिषद की यहां ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाई लगाने की योजना थी लेकिन जमीनी विवाद के चलते योजना शुरू होने से पहले से ठंडे बस्ते में चली गई। हालांकि इस बीच मांड पश्चिम की इस साइट पर शहर से पहुंचाए गए कचरे के पहाड़ खड़े हो गए। इससे आसपास के लोगों को परेशानी हुई तो उन्होंने भी इसका विरोध शुरू कर दिया। इस बीच एनजीटी ने पर्यावरणीय सुरक्षा के मद्देनजर मांड पश्चिम में कचरा ले जाने और जमा करने पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद नगर परिषद ने यहां से कचरा हटाने के बाद इसके सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की थी।
मांड में जमा हो चुका है 2 हजार टन से अधिक कचरा
जानकारी के मुताबिक हर रोज शहर से लगभग 25 टन कचरा उत्सर्जित होता है जिसे वाहनों में भरकर मांड पश्चिम में ले जाकर जमा किया जा रहा है। इस हिसाब से बीते तीन महीनों में अब तक लगभग 2 हजार टन से अधिक कचरा इस साइट पर जमा हो चुका है। ऐसे में अगर जल्द सुई तक पहुंचने की सड़क ठीक नहीं हुई तो मांड पश्चिम में फिर से कचरे के पहाड़ खड़े हो जाएंगे। वहीं इसको लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी भी बढ़ने लगी है।
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कोट
मांड पश्चिम में दोबारा से शहर से निकलना वाला कचरा लाकर जमा किया जाना चिंताजनक है। हमने पहले भी इसका कड़ा विरोध किया था क्योंकि यहां कचरा निस्तारण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। लगातार कचरा जमा किए जाने से आसपास का पूरा वातावरण प्रदूषित हो रहा है। सर्दी का मौसम होने के बावजूद यहां मच्छर-मक्खियों की भरमार लगी रहती है। हाईवे से गुजरने वाले यात्री भी इस जगह शीशा खाेलकर गुजरने पर परेशानी महसूस करते हैं। स्थानीय जल निकाय भी इस कचरे से दूषित होने लगे हैं। अगर ऐसे ही लगातार यहां कचरा जमा होता रहा तो आने वाले दिनों में समस्या काफी गंभीर हो जाएगी और स्थानीय लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसलिए प्रशासन से अपील है कि जल्द समस्या का समाधान करे।
-बलवान सिंह, प्रातीय अध्यक्ष, पैंथर्स पार्टी इंडिया

अगस्त माह में भारी बारिश के चलते हमारे एमआरएफ यूनिट तक पहुंचने वाली सुई रोड भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके कारण हमें मजबूरी में मांड पश्चिम में कचरा जमा करना पड़ रहा है। सड़क के ठीक होने के बाद मांड से कचरा हटा लिया जाएगा। फिलहाल एप्रोच रोड के लिए भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है। तब तक के लिए मांड के लोगों से भी सहयोग की अपील है।
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-सद्दाम हुसैन, -सीईओ, नगर परिषद उधमपुर
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