उधमपुर। तापमान में लगातार गिरावट के बीच सुबह और शाम के समय बढ़ती ठंड लोगों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनती जा रही है। जिले में खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों में सांस संबंधी रोगों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। जीएमसी उधमपुर की ओपीडी में रोजाना 70 से 75 रोगी सर्दी-खांसी व अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय शीतलहर जैसी स्थिति महसूस हो रही है, वहीं शाम होते ही हवा में नमी और ठंड बढ़ जाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में दमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी, खांसी-ज़ुकाम और फेफड़ों के संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। इसके अलावा दिल के मरीजों पर भी ठंड का खासा प्रभाव पड़ता है। इसलिए सावधानी बरतें, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाकर रखें और किसी भी लक्षण को हल्के में न लें। मौसम के इस बदलाव के दौर में सतर्क रहना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
बचाव को लेकर डाक्टरों की सलाह
जीएमसी उधमपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनोद के मुताबिक कि ठंडे मौसम में हवा के कण तेजी से नीचे बैठ जाते हैं, जिससे प्रदूषक तत्व अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इन्हें सांस के साथ अंदर लेने से फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है और परेशानी गहरा सकती है। ऐसे मौसम में खासकर दमा और सीओपीडी रोगियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर सुबह-सुबह धुंध और प्रदूषण का मिश्रित असर सबसे ज्यादा हानिकारक होता है। इसलिए बुजुर्ग, बच्चे और श्वास रोगियों को बहुत जल्दी बाहर निकलने से बचना चाहिए। सुबह की सैर थोड़ी देर धूप निकलने के बाद ही करें और बाहर जाते समय मुंह-नाक को अच्छी तरह ढककर रखें।
बचाव के उपाय और सावधानियां
ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और मोजे अवश्य पहनें।
तड़के और देर शाम के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
घर के अंदर उचित वेंटिलेशन रखें ताकि दूषित हवा जमा न हो।
गुनगुना पानी पिएं और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न जैसी समस्या बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अस्थमा रोगी इनहेलर हमेशा साथ रखें और डॉक्टर की बताई दवाएं समय पर लें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ठंड से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए संतुलित आहार, विटामिन-सी युक्त फल और गर्म सूप आदि का सेवन शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
कोट
जीमएसी उधमपुर में रोजाना की रूटीन ओपीडी डेढ़ से दो सौ की बीच है। इनमें रोजाना 70 से 75 रोगी सर्दी-खांसी व अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। सभी को और खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यही सलाह है कि बदलते मौसम में खास सावधानी रखें और किसी भी तरह की समस्या आने पर अस्पताल में पहुंचकर जांच और उपचार कराएं। जीएमसी उधमपुर में उपचार की सभी व्यवस्थाएं मौजूद हैं और चौबीस घंटे डाॅक्टरों की समर्पित टीम काम पर है।
- डाॅ. आबिद, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं एचओडी जनरल मेडिसिन जीएमसी उधमपुर