उधमपुर। यूटी कैपेक्स के तहत उधमपुर की पारंपरिक सुलगार कूहल को 87.80 लाख रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र के एक हजार से अधिक किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की तरफ से इस काम को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह कूहल करीब 1000 मीटर लंबी होगी और इसके निर्माण के पूरा होने के बाद सिंचाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। वर्तमान में क्षेत्र के किसानों को सीमित जल आपूर्ति और पुरानी कूहल व्यवस्था के कारण फसलों की सिंचाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस नई परियोजना के पूर्ण होने पर रबी और खरीफ दोनों मौसमों में पर्याप्त सिंचाई उपलब्ध हो सकेगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
विभाग के मुताबिक यह परियोजना क्षेत्र के कृषि विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। कूहल के निर्माण में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि जल की बर्बादी को रोका जा सके और हर खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचाया जा सके। साथ ही कूहल के किनारों को मजबूत करने और जल प्रवाह को संतुलित रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्थानीय केवल कृष्ण, मोहन लाल, मनी राम, नरेश पाल, चुन्नी लाल व अन्य ने बताया कि यह योजना लंबे समय से किसानों की मांग रही थी। परियोजना के पूरा होने से न केवल सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। कई किसानों ने बताया कि जल की नियमित उपलब्धता से वे अब सब्जी, धान, गेहूं और अन्य नकदी फसलों की खेती का विस्तार कर सकेंगे। सरकार की इस पहल से क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उम्मीद की जा रही है कि आगामी महीनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और अगले वर्ष तक यह कूहल पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी।
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कोट
कूहल के विकास कार्य को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके पूरा होने के बाद आगे का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इसके बनने से सभी खेतों को समान तरीके से सिंचाई सुनिश्चित होगी और किसानों को पेश आने वाली परेशानियों का समाधान होग।
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हरपाल सिंह, एक्सईएन, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग